सौरिख (कन्नौज)। हरियाणा में प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे युवक को दोस्तों ने शराब में जहर पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। भाई व रिश्तेदार उसे आगरा के निजी चिकित्सालय में ले गए। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। देर रात शव आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सुबह गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया।
सकरावा थाना क्षेत्र के ऊमरपुर गांव निवासी प्रमोद दुबे के तीन बेटे हैं। बड़ा अखिलेश्वर उर्फ कन्हैया और छोटा बेटा श्यामजी (24) हरियाणा के मानेसर शहर में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। मंझला पुत्र रामजी दुबे गांव में ही रहता है।
शुक्रवार की शाम को श्यामजी ने बड़े भाई को फोन पर सूचना दी कि उसके दोस्तों ने शराब में जहर दे दिया है, जिससे उसकी हालत बिगड़ रही है। बड़ा भाई उसे वहां के एक निजी अस्पताल में ले गया। वहां उसकी हालत चिंताजनक हो गई।
इधर, सूचना पर गांव से भी परिजन व रिश्तेदार मानेसर पहुंच गए और रविवार को उसे आगरा ले आए। वहां इलाज चल रहा था। रविवार की शाम चार बजे श्यामजी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रात 11 बजे परिजन शव को लेकर गांव आए तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सोमवार की सुबह गांव में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका
बड़े भाई अखिलेश्वर दुबे ने बताया कि श्यामजी शराब पीने का आदी नहीं था, लेकिन दोस्तों ने नौ हजार रुपये कीमत की विदेशी शराब की बोतल मंगाई और उस पर पीने का दबाव डाला। उसी दौरान दोस्तों ने शराब में जहर मिला दिया। उसने आशंका जताई कि भाई की हत्या दोस्तों ने एक युवती से प्रेम प्रसंग के चलते की है। इससे संबंधित कई कॉल रिकॉर्डिंग श्यामजी के मोबाइल में सेव हैं।