उमर्दा। सेंटर आफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स सेंटर में जायद मौसम के लिए सब्जियों की चार लाख पौध तैयार करा रहा है। जनवरी के आखिरी हफ्ते में इसका वितरण किसानों में शुरू करा दिया जाएगा। पौध भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान की ओर से दिए जा रहे विकसित बीजों से तैयार की जा रही है। किसानों की आय दोगुनी करने में सब्जियों की खेती की अहम भूमिका है। 2018 से अब तक पाॅली हाउस में करीब पांच लाख पौधे वितरित किए जा चुके हैं।
किसान आलू की खोदाई के बाद खाली हुए खेतों में सब्जियों की फसल करते हैं। इसके लिए एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स केंद्र की यह पहल वरदान साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि इंडो-इस्राइल साझा कृषि परियोजना के तहत 2018 में केंद्र की स्थापना की गई। यहां परिसर में स्थापित हाईटेक वेजिटेबल्स नर्सरी हर साल किसानों को सब्जियों के लाखों पाैधे उपलब्ध करा रहा है। (संवाद)
सब्जियों की ये पौधें हो रहीं तैयार
प्रभारी अधिकारी ने बताया कि सब्जियों की पाैध तैयार की जा रही है। जिससे तरबूज की करीब डेढ़ लाख, खरबूजा एक लाख, तरोई 50 हजार, लौकी, खीरा, करेला की पांच पांच हजार के अलावा कद्दू, लोबिया, भिंडी, मिर्च, बैंगन, टमाटर आदि बीजों की बुवाई हाईटेक नर्सरी में हो चुकी है। अगले सप्ताह से किसानों को पौध मिलनी शुरू हो जाएगी।
दूसरे जिलों के किसान हुए लाभांन्वित
पॉली हाउस कर्मचारियों के अनुसार उन्नतिशील किस्मों से सब्जियों की खेती के लिए पौध तैयार की जाती है। केंद्र के माध्यम से कन्नौज, औरेया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा आदि जिलों के कृषकों पौध उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही समय समय पर प्रशिक्षण देकर खेती के गुर सिखाए जाते हैं।
केंद्र के प्रभारी प्रवीन कुमार बताते हैं कि हाईटेक नर्सरी में तैयार पौध रोग रहित और अधिक उत्पादन देने में सक्षम है। अक्टूबर 2018 से केंद्र संचालित हुआ। अब तक 4,75,000 पौध किसानों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस वर्ष करीब पांच लाख से अधिक पौध किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।