सिकंदरपुर। सिकंदरपुर की कान्हा गोशाला में पांच गोवंश के मृत मिलने का मामला सामने आया है। यह बात सामने तब आई जब गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने वहां का निरीक्षण किया। गोवंश के शव देखने में दो दिन पुराने लग रहे थे। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर अधिकारियों के रवैये से अवगत कराया जाएगा।
गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला, प्रदेश महामंत्री अखिलेश पांडेय व अन्य पदाधिकारियों के साथ सिकंदरपुर की कृष्णा गोशाला पहुंचे। परिसर में पांच गोवंश मृत अवस्था में अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले। संगठन के पदाधिकारियों ने लाल कपड़ों से शवों को ढकवाया। प्रदेश अध्यक्ष ने जानकारी की तो पता चला कि हरा चारा गोशाला से काफी दूरी पर मिलता है, जिसे प्रतिदिन वहां से नहीं लाया जा सकता है। 15 दिनों से गोवंशों को हरा चारा नहीं मिला है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गोवंशों की हालत देख गोशाला की व्यवस्थाओं का स्वयं ही अनुमान लगाया जा सकता है।
मौजूद लोगों ने ईओ पर लगाए आरोप
हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष के पहुंचने की जानकारी होने पर आसपास के कई लोग मौके पर पहुंच गए। ईओ के तानाशाही पूर्ण ढंग से काम करने की शिकायत की। इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश में कानून का राज है। तानाशाही और मनमानी किसी की नहीं चलेगी फिर वह चाहे ईओ ही क्यों न हों। मुख्यमंत्री व पशुधन राज्यमंत्री से मिलकर गोशाला की व्यवस्थाओं से अवगत कराया जाएगा।
दो माह पहले भी मरे थे पांच गोवंश
कान्हा गोशाला में अव्यवस्थाओं के चलते दो माह पहले भी पांच गोवंशों की मौत हो चुकी है। मीडिया में यह सुर्खियाें में आया तो ईओ प्रदीप गौतम ने फरमान जारी करते हुए गोशाला में बगैर अनुमति के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। जानकारी मिलने पर दूसरे दिन छिबरामऊ के गौ सेवक रंजीत पांडेय अपनी टीम के साथ गौशाला पहुंचे थे, उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया था। जिस पर गोशाला के बाहर बैठकर नाराजगी जाहिर की थी।
मेरा हो चुका है ट्रांसफर, अब कोई लेना देना नहीं
पांच गोवंशों की मौत के बाद नगर पंचायत के ईओ रहे प्रदीप गौतम से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उनका स्थानांतरण हो चुका है और वह गुरुवार की सुबह ही रिलीव हो चुके हैं। अब उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।
तीन की हुई मौत, एक का चल रहा इलाज
नगर पंचायत सिकंदरपुर के चेयरमैन हरिहर सिंह ने बताया कि पांच गोवंश मरने की सूचना बेबुनियाद है। तीन गोवंशों की बीमारी के चलते मौत हुई है, इनके शव दफन करा दिए गए हैं। एक बीमार गोवंश का चिकित्सीय देखरेख में इलाज चल रहा है। शासन की मंशा के अनुसार गोवंशों की देखभाल की जा रही है।