फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई तो बेटी का हुआ कन्यादान

विज्ञापन
विज्ञापन
07सीएचबीपी51 : बेटी और दामाद को आशीर्वाद देते पिता। 07सीएचबीपी52 : कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट दिखाते रामलड़ैते टेलर। पिता की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई तो बेटी का हुआ कन्यादान - पांच बरातियों के बीच सादगीपूर्ण ढंग से हुई बेटी की शादी संवाद न्यूज़ एजेंसी छिबरामऊ। नगर के मोहल्ला कटरा में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच सौ शैय्या अस्पताल में क्वारन्टीन हुए पिता की कोरोना रिपोर्ट जब निगेटिव आयी, तब बेटी का सादगीपूर्ण माहौल में कन्यादान हुआ। आँखों में खुशी की चमक के साथ पिता ने नव दम्पति को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। नगर के मोहल्ला कटरा निवासी रामलड़ैते जाटव की बेटी रचना की शादी मैनपुरी जनपद के बरियालपुर निवासी देवेंद्र सिंह के बेटे अमन के साथ तय हुई। चार जून को रचना के पिता रामलड़ैते जाटव दोपहर के समय शादी की अनुमति लेने घर से पैदल ही एसडीएम कार्यालय चले गए। धूप अधिक होने के कारण उनके शरीर का तापमान बढ़ गया। रामलड़ैते सिलाई कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। संयोग ही था कि जब रामलड़ैते घर लौटे, तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां आ गई। थर्मल स्क्रीनिंग में शरीर का तापमान अधिक लगा तो टीम उनको सौ शैय्या अस्पताल ले गई। वहां से शरीर तापमान नार्मल होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें घर भेज दिया। घर लौटने पर मोहल्ले के लोगों ने शिकायत की और स्वास्थ्य विभाग की टीम फ़िर आई और पिता को सौ शैय्या अस्पताल ले जाकर क्वारन्टीन कर दिया। जहां से उनका कोरोना जांच के लिए सेंपल लेकर किंग जार्ज यूनिवर्सिटी लखनऊ भेजा गया। सात जून को बेटी की बरात की तैयारी पिता के लिए परेशानी का सबब बनी रही। शनिवार की देर शाम जब रामलड़ैते की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव निकली, तो उन्हें सौ शैय्या अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जब पिता घर पहुंचे तो परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना न रहा। रविवार की दोपहर को उनकी बेटी की बरात आई। महज पांच बरातियों के बीच सादगीपूर्ण माहौल में पिता ने अपनी बेटी का कन्यादान किया। अपने सिर पर पिता का हाथ पाकर बेटी की आंखे खुशी के आंसुओं से बह रही थीं। शाम को ख़ुशी के माहौल में बेटी की विदाई हुई। इनसेट.... लॉकडाउन ने तोड़ा धूमधाम से शादी का सपना दूल्हा अंकित बताते हैं कि शादी तय होने के बाद उन्होंने कई सपने सजाए थे। लेकिन लॉकडाउन ने उनका धूमधाम से शादी का सपना तोड़ दिया। सादगीपूर्ण विवाह उनके जीवन का एक ऐसा अनुभव होगा, जिसे वह ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। इनसेट..... आंसुओं में भींगकर कटी रातें दुल्हन रचना बताती है कि जब कोरोना संदिग्ध होने के चलते तब पिता सौ शैय्या अस्पताल में क्वारन्टीन हुए तो उसकी शादी पर अनिश्चितता के बादल छा गए औऱ पूरा घर भय से सहम गया। लगातार उसकी दो रातें सिर्फ़ रोकर भगवान का ध्यान करके कटीं। वह भगवान से पिता की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने की दुआ मांग रही थी। अब भगवान ने उसकी सुन ली। न सिर्फ़ पिता की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी बल्कि उसका कन्यादान भी पिता ने ही किया। रचना बार-बार भगवान का शुक्रिया अदा कर रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें