कन्नौज। नौ साल पहले जानलेवा हमला करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अदालत ने पिता-पुत्रों समेत सात लोगों को तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर सात गवाह पेश किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो गई थी।
शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि ठठिया थाना क्षेत्र के जैतापुर गांव निवासी श्रवण कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि गांव की रहने वाली एक महिला ने साल 2012 में राम नरायण व उसके पुत्रों के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
महिला ने मुकदमा में उसको गवाह बनाया था। इसको लेकर सभी लोग रंजिश मानने लगे थे। कहा कि चार जून 2014 को वह शौच के लिए खेत पर गया था। तभी राम नरायण, रामभरोसे पुत्रगण मूलचंद्र, दीन दयाल पुत्र रोशन लाल, दीपू पुत्र गिरजाशंकर, अनिल पुत्र राम भरोसे, गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के डिगसरा गांव निवासी मंगली पुत्र हिमाचल व उसके पुत्र नन्हे और लाल सिंह ने घेर लिया।
तमंचा के बटों व लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया। हत्या करने की नियत से उसको कार में डाल लिया। शोरगुल सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने उसको बचाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान राम नरायन की मौत हो गई।
साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इंद्रजीत सिंह द्ववीतय ने सात लोगों को तीन-तीन साल कारावास और 11-11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।
कोर्ट ने धारा 147 में एक साल कारावास व दो-दो हजार रुपये, 323 में एक साल व एक-एक हजार रुपये, 325 में तीन साल व पांच-पांच हजार रुपये, 504 में एक-एक साल व एक-एक हजार रुपये, 506 में दो साल कारावास व दो-दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है। बताया कि सभी सजा एक साथ चलेंगी।