छिबरामऊ। विद्यालय में शिक्षक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर एक युवक से 5.80 लाख रुपये लेकर उसे चपरासी के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। एक साल तक काम करने के बाद भी जब वेतन नहीं मिला तो युवक ने बीएसए कार्यालय में मामले की जानकारी कराई। तब उसे फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। युवक ने मामले की शिकायत एसपी से की है।
सिकंदरपुर कस्बे के मोहल्ला गांधीनगर निवासी अचल कुमार ने बताया कि वह शिक्षित बेरोजगार है। उसका एक युवक से मिलना-जुलना था। वर्ष 2018 में युवक ने विद्यालय में अध्यापक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 5.80 लाख रुपये ले लिए। रुपये व सभी दस्तावेज लेने के बाद युवक ने एक जुलाई 2018 को फर्जी नियुक्ति पत्र बतौर चपरासी देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति एक साल तक चपरासी के पद पर रहेगी। इसके दो साल बाद वह अध्यापक के पद पर नियुक्त हो जाएगा। वह एक साल तक लगातार विद्यालय में कार्य करता रहा। वेतन न मिलने पर उसने युवक से कहा लेकिन वह फर्जी आश्वासन देता रहा। जब उसने कन्नौज बीएसए कार्यालय में पता किया तो उसे किसी भी पद पर चयन न होने की जानकारी मिली। जब उसने रुपये वापस मांगे तो युवक ने उसे दो बार में 80 हजार रुपये दे दिए लेकिन अभी तक पांच लाख रुपये वापस नहीं कर रहा है। पांच अक्तूबर को जब वह विद्यालय में तकादा करने गया तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की और फिर से रुपये मांगने पर हत्या करने की धमकी देकर भगा दिया। पीड़ित ने मामले की शिकायत युवक से की है।
प्रबंधक बोले, गलत है आरोप, उधार की रकम न देने के लिए लगाया आरोप
इस संबंध में प्रबंधक ने बताया कि अभी न तो विद्यालय एडेड हुआ और न ही सरकार से किसी तरह की सुविधा मिल रही है। अचल विद्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत था। उसने 95 हजार रुपये उधार लिया था। उधारी मांगी गई तो रुपये न देने पड़े। इसलिए झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।