Excuse will not work in examination duty, will have to give certificate of CMO
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। बीमारी का बहाना बनाकर बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से कन्नी काटने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए बुरी खबर है। अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी। अगर बीमार हैं तो उनको सीएमओ से इसका प्रमाणपत्र बनवाना होगा। इसके बाद ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने जारी किए पत्र में बताया कि वर्ष 2022 की संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षाएं एक साथ होंगी। पिछली परिषदीय परीक्षाओं में सामने आया है कि प्रधानाचार्य, शिक्षक, केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक का कार्य नहीं करना चाहते हैं।
बीमारी का प्रमाणपत्र देकर चिकित्सीय छुट्टी पर चले जाते हैं। इस वजह से डीआईओएस को परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में दिक्कत आती है। परीक्षाएं अच्छे से चलें, इसलिए निर्णय लिया गया है कि जो शिक्षक-शिक्षिकाएं चिकित्सीय छुट्टी के लिए आवेदन करेंगे, उनकी बीमारी की पुष्टि सीएमओ करेंगे। इसके लिए उनके प्रमाणपत्र की जरूरत होगी। उसके बाद ही चिकित्सीय अवकाश मिलेगा।
सभी प्रधानाचार्यों को पत्र भेज दिया गया है। साथ ही डीएम और सीएमओ समेत कई अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजी गई है। आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। बिना सीएमओ के प्रमाणपत्र के चिकित्सीय अवकाश नहीं मिलेगा। -राजेंद्र बाबू, डीआईओएस।