फोटो 22सीएचबीपी61: बाहर आने के बाद युवक को गोद में उठाए ग्रामीण। संवाद
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छिबरामऊ। क्षेत्र के ब्राहिमपुर गांव में निजी मोबाइल कंपनी की अंडर ग्राउंड केबल डालते समय हैंडपंप के पास अचानक जमीन धंस गई। इससे केबल डालते समय 20 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी के साथ किशोर श्रमिक धंस गया। जैसे ही नाबालिग गढ्ढे में धंसा तो लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए नाबालिग को सांस लेने में दिक्कत से बचाने के लिए कन्नौज हॉस्पिटल से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगा लिया। ऑक्सीजन पाइप गढ्ढे में लटकाकर नाबालिग तक मॉस्क पहुंचा दिया गया। इससे उसे ऑक्सीजन मिलती रही। इसके बाद जेसीबी की मदद से जमीन के अंदर से किशोर को तीन घंटे की मशक्कत कर बाहर निकाला गया। इसके बाद गंभीर हालत में 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने किशोर की हालत सामान्य बताई है।
जनपद सीतापुर के ग्राम सुल्तानापुर निवासी छोटू पड़ोस में रहने वाले फूफा के बेटे मुकेश चौहान (16) के साथ निजी नेटवर्क कंपनी की अंडर ग्राउंड केबल डालने का काम करता है। ब्राहिमपुर गांव में गुरुवार को दोनों केबल डाल रहे थे। इस दौरान खरौली गांव निवासी आत्माराम शर्मा का निजी हैंडपंप बाहर लगा हुआ था। दोनों ने हैंडपंप से लगभग पांच फीट दूरी पर गड्ढा कर केबल डाल रहे थे। मुकेश गड्ढे की खुदाई कर रहा था तभी अचानक हैंडपंप के बोर के पास से मिट्टी धंस गई। खोदाई कर रहा मुकेश भी मिट्टी के साथ 20 फीट गड्ढे में धंस गया। सूचना मिलते ही कोतवाल जयप्रकाश शर्मा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों की सहायता से गड्ढे की खुदाई कराई गई। जेसीबी की मदद से करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मुकेश के सीने में रस्सी बांधकर धीरे-धीरे बाहर निकाला गया। बदहवास हालत में उसे 100 शैया अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत सामान्य बताई है।
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जिंदगी पर भरोसा नहीं कर पा रहा था मुकेश
गढ्ढे से बाहर आने के बाद हर कोई मुकेश की तरफ देख रहा था लेकिन उसकी नजरें झुकी हुई थीं और वह सहमा हुआ बार-बार गढ्ढे को निहार रहा था। मानो वह अपनी इस जिंदगी पर भरोसा नहीं कर पा रहा था।