खड़िनी। इलाके में किसानों ने धान की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है। सरैया माइनर व फीडर में सिंचाई विभाग ने अभी तक पानी नहीं छोड़ा है, इससे फसल की बुआई में देरी हो रही है। वहीं बिजली कटौती भी किसानों के लिए समस्या बनी हुई। किसानों ने डीएम से माइनर में पानी छुड़वाए जाने की मांग की है।
इलाके के किसान अमिताभ सिंह व विजय सिंह ने बताया कि सरैया माइनर व फीडर से इलाके के खड़नी, ग्यासपुर, नगला तोरण, नगला खरगाई, थुलरिया, ब्राहिमपुर, खटकरी, नगरिया, बसबारी, ककलई, निजामपुर व राजपुर आदि गांवों के किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। निचली गंग नहर से इस माइनर की महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस समय नहर उफना कर बह रही है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक माइनर में पानी नहीं छुड़वाया है। धान पैदावार में खड़िनी इलाका अग्रणी है, इसके बाद भी किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। किसान भानू प्रताप, वीरपाल सिंह, राजू, सर्वेश, मुकेश, बंटू, शैलेन्द्र सिंह, धीरेन्द्र सिंह माइनर में खड़ी घास की सफाई कराकर पानी छोड़े जाने की मांग की है।
अंग्रेजी शासन की व्यवस्था में नहीं हो सका परिवर्तन
किसानों का आरोप है कि सिंचाई के लिए अंग्रेजी शासन काल में इस मानइर का निर्माण कराया था। सालों बीत जाने के बाद भी माइनर में कोई बदलाव नहीं हुआ, बल्कि देखरेख के अभाव में माइनर नाले में तब्दील होती जा रही है। माइनरों की हालत में सुधार के लिए प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।