कन्नौज। पांच साल पहले गुरसहायगंज में एक महिला की मौत के मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने सास को दोषी करार दिया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही पति व ससुर को सुबूत के अभाव में बरी कर दिया है। पति इन दिनों जेल में है। सास पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि घटना 15 अप्रैल 2018 को हुई थी। गुरसहायगंज कोतवाली के गौरी बांगर में रहने वाली प्रेमा की ससुराल में हत्या करने की रिपोर्ट भाई सतपाल ने दर्ज कराई थी। सतपाल के मुताबिक बहन की शादी गौरी बांगर निवासी हरिओम से की थी। क्षमता के मुताबिक दहेज भी दिया था पर ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वह अक्सर बहन प्रेमा को प्रताड़ित करते थे। सतपाल के मुताबिक 15 अप्रैल 2018 को बहन प्रेमा के पति हरिओम, मां सोनी, पिता बृजकिशोर, बहन अर्चना ने प्रेमा के शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इस घटना में प्रेमा की मौत हो गई। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने 11 गवाह पेश किए। पुलिस के मुताबिक प्रेमा देवी ने मरने से पहले दिए अपने अंतिम बयान में कहा था कि ननद अर्चना ने मिट्टी का तेल डाला व सास सोनी ने आग लगा दी। इसी बयान के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज लवली जायसवाल ने सुनवाई की। अदालत ने सास सोनी को को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जबकि उसके ससुर बृजकिशोर व पति हरिओम को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। ननद को नाबालिग होने की सूरत में उसका मुकदमा किशोर न्यायालय बोर्ड में चल रहा है। हरिओम की जमानत नहीं हुई थी। वह लगातार जेल में था।