कन्नौज। सपा की ओर से उठाई गई आवाज के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ है। रविवार को बाकायदा डीएम शुभ्रांत शुक्ला और एसपी अमित कुमार आनंद ने पूर्व विधायक के आवास पर पहुंचकर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। डीएम ने बताया कि प्रशासन की ओर से ऐसी कोई मंशा नहीं थी, जिससे किसी का अपमान हो। कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के आने के तहत उनके प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एसडीएम और सीओ भी पूर्व विधायक के आवास पर गए थे और दोनों ने श्रद्धांजलि भी दी थी। उसके बाद शव यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मेहंदीघाट तक सक्रिय रहा। यह जरूर चूक हुई कि अंतिम संस्कार के दौरान दी जाने वाली पुलिस की सलामी की परंपरा नहीं हो सकी। यह भूलवश हुआ है, इसके पीछे कोई और वजह नहीं है।
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असीम अरुण ने कहा, मैं दूंगा सलामी
कन्नौज। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में स्व. अनिल दोहरे के मुकाबले चुनाव जीते सदर विधायक व समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने निधन की सूचना पर श्रद्धांजलि दी थी। अब अंतिम संस्कार के दौरान सम्मान न दिए जाने के प्रकरण पर भी उन्होंने अपना पक्ष रखा है। सोशल मीडिया पर उनकी ओर से किए गए पोस्ट में कहा गया है कि राजस्थान के कोटा में होने की वजह से यहां नहीं पहुंच सके हैं। अगर यहां होते तो अंतिम संस्कार में शमिल होते और सम्मान में कोई कमी नहीं होने दी जाती। लेकिन गलती तो गलती है, चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकारते हुए मैं क्षमा याचना करता हूं। 10 अक्तूबर को खुद पूर्व विधायक के आवास पर जाने और एक पूर्व पुलिसकर्मी, सरकार में मंत्री और छोटे भाई के रूप में उन्हें सलामी दूंगा।