छिबरामऊ। जिला नगरीय विकास अभिकरण के खिलाफ तहसील परिसर में शुरू हुआ सभासद का क्रमिक अनशन व धरना दूसरे दिन परियोजना निदेशक से वार्ता के बाद समाप्त हो गया। प्रशासन ने सभासदों की सभी मांगे मानते हुए जिला समन्वयक व सर्वेयर को हटा दिया है। साथ ही लंबित डीपीआर की अतिशीघ्र जांच शुरू कराए जाने का आश्वासन दिया गया है।
नगर पालिका परिषद के सभासद सुशील पांडेय एडवोकेट, प्रदीप सिंह चौहान, नरेंद्र शर्मा, सतेंद्र शाक्य, फकरे आलम, अग्निवेश यादव उर्फ मूलचंद्र व रहीश अहमद ने मंगलवार को जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। बुधवार को परियोजना अधिकारी गिरीश चंद्र अनशन स्थल पहुंचे और सभासदों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि आरोपित जिला को-ऑर्डीनेटर धीरज सिंह व सर्वेयर धीरज सिंह 13 दिसंबर को ही कार्यमुक्त किया जा चुका है। वार्ता के बाद मिले आश्वासन के बाद अनशन कारियों के संतुष्ट होने पर पीडी गिरीश चंद्र व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र मिश्रा ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करा दिया। इस मौके पर चेयरमैन मनोज दुबे, सभासद रमाकांत त्रिपाठी उर्फ पप्पी, चरन सिंह, रामनरायन, मो. जीशान, आसिफ इकबाल, नसीम खा, हरिशरण शाक्य, धर्मेंद्र दुबे उर्फ शम्मी, शिवगोपाल गुप्ता, अरविंद गुप्ता, मनोज सिंह समेत कई वकील भी मौजूद रहे।