छिबरामऊ (कन्नौज)। गणेश चतुर्थी पर शनिवार को गजानन घरों और पंडालों में विराजेंगे, जिनका स्वागत करने के लिए भक्त तैयार हैं।
दस दिन तक गणपति जी की लगातार पूजा-अर्चना के बाद उनकी प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लोगों ने मिट्टी से बनी मूर्तियों को खरीदना अधिक पसंद किया।
नगर के मोहल्ला दीक्षितान स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर, छपट्टी स्थित मां दुर्गा मंदिर, ताजपुर रोड स्थित, गुड़ मंडी, ग्रेसीगंज, इंदिरा आवास कालोनी, माली वाली गली, रामपुर बैजू आदि स्थानों पर भक्तों ने गणेश जी के स्वागत के लिए पंडालों को भव्य रूप से सजाया है।
शक्तिपीठ मां गमादेवी मंदिर के पुजारी पंडित बनारसीदास शास्त्री ने बताया कि घर में गणेश जी की मूर्ति लाते समय, उनकी मुद्रा पर ध्यान देना न भूलें। आदर्श रूप से, ललितासन में गणेश जी की मूर्ति को सबसे अच्छा माना जाता है। (संवाद)