कन्नौज। बारिश का मौसम शुरू होते ही संक्रामक बीमारियों ने पांव पसार दिया है। मलेरिया, टायफाइड, संक्रामक रोगों के साथ-साथ डेंगू का भी खतरा बढ़ रहा है। कानपुर में डेंगू मरीज की पुष्टि होने के बाद जिले का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसके लिए डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल में संक्रमण वायरल के कई मरीज भर्ती हो रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी भी मरीज में डेंगू के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से मौसम में नमी है। जिसके चलते डेंगू के मच्छर पनपने लगे हैं। पड़ोसी जनपद कानपुर में डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। बरसात के मौसम में डेंगू के मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग अभी से ही अलर्ट मोड पर है। डेंगू से निपटने के लिए शुक्रवार को जिला अस्पताल में बाकायदा अलग से वार्ड बनाया गया। जिससे डेंगू के केस सामने आने पर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा सके। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। जिसमें मच्छरदानी लगाई गई है। कहा कि डेंगू से निपटने के लिए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है। डेंगू जांच किट भी पर्याप्त मात्रा में है। इसके अलावा दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में हैं।
घर में जमा पानी में ही पनपता है डेंगू का मच्छर
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि डेंगू मच्छर आकार में छोटा होता है। इसके शरीर पर सफेद रंग के धब्बे होते हैं। डेंगू मच्छर के पंख छोटे होते हैं। इस कारण वह सिर्फ चार से पांच फीट की ऊंचाई तक ही रहता है। डेंगू की चपेट में ज्यादातर छोटे बच्चे आते हैं। डेंगू से बच्चों को बचाने के लिए शरीर को पूरा ढक कर रखना चाहिए। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। घर या घर के बाहर पानी जमा न होने दें। इसके अलावा घरों में रखे कूलर की सप्ताह में एक बार पूरी सफाई करें।
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कीटनाशक का करें प्रयोग
जिला अस्पताल के डॉ. सैय्यद सलमान ने बताया कि एडीज लार्वा मारने के लिए केरोसिन या दुकानों पर मिलने वाले अबेट कीटनाशक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अबेट को 10 लीटर पानी में पांच मिलीलीटर मिलाकर छिड़काव करने से डेंगू मच्छर के लार्वा को नष्ट किया जा सकता है। इसके अलावा पैराथ्रम नाम की दवा का भी इस्तेमाल किया जाता है। 19 लीटर केरोसिन में एक लीटर पैराथ्रम का मिश्रण बनाकर स्प्रे करने से डेंगू मच्छर मर जाते हैं।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार हल्का, सामान्य या तेज जाड़ा लगना, सिर आंखों में दर्द होना, आंखों की पुतली घुमाने पर तेज दर्द होना, पूरे शरीर में तेज दर्द के साथ ब्लड प्रेशर कम होना, शरीर पर लाल दाने पड़ जाते है। बार बार उल्टी होती है।
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इस तरह से करें बचाव
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बुखार आने पर पानी खूब पीएं भोजन ताजा ही प्रयोग करें, कूलर, टंकी, गमले, टायर, खाली बोतल, फ्रिज की ट्रे, नारियल का खोल, डिस्पोजल गिलास आदि में पानी जमा न होने दे, घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें। जमा पानी में डीजल, केरोसीन या जला हुआ मोबिल आॅयल डाल दें, शरीर पर नीम या सरसों के तेल का इस्तेमाल करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहने, घरों पर कीटनाशक का प्रयोग करें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।