लखनऊ-छिबरामऊ। डीसीएम चालक प्रदीप यादव हत्याकांड का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ ही पुलिस ने एक चापड़ भी बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने लूट के इरादे से डीसीएम रुकवाई थी। चालक को जब दबोचा तो उसने उनके हाथ में काट लिया था। जिसके बाद आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
कन्नौज के छिबरामऊ निवासी प्रदीप यादव (26) डीसीएम चालक थे। 12 जनवरी को वह दुबग्गा स्थित वेयर हाउस में माल लेकर आए थे। डीसीएम खाली होने के बाद 13 जनवरी की सुबह तकरीबन पांच बजे वह वेयर हाउस से गुडंबा घी लोड करने जा रहे थे। तभी बीकेटी थाना क्षेत्र में दुर्जनपुर गांव के पास आउटर रिंग रोड पर उनकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि मामले में बीकेटी के भैंसामऊ निवासी राकेश रावत उर्फ मिट्ठू और कोटवा गांव के अरुण गौतम को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से वह जेल भेज दिए गए।
नशे में थे और नशा करने के लिए रची थी साजिश
डीसीपी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह शराब के अलावा गांजा भी पीते हैं। वारदात की सुबह ही दोनों ने नशा किया। फिर और नशा करने के लिए रुपये नहीं थे। इसलिए उन्होंने किसी भारी वाहन चालक को लूटने की साजिश रची। उनका मानना था कि भारी वाहन चालकों के पास डीजल भराने के लिए रकम होती है, इसलिए उनको निशाना बनाने की ठानी। डीसीएम को रुकवाया। उसके केबिन में घुस गए और चालक को पीटते हुए रुपयों की मांग की। इस दौरान प्रदीप ने अरुण के हाथ में काट लिया था। इससे दोनों लोग भड़क गए और राकेश ने चाकू से प्रदीप को गोद डाला।
पांच गांवों के 200 लोगों से पूछताछ में लगा सुराग
एडीसीपी नॉर्थ अभिजित आर शंकर ने बताया कि आरोपी घटनास्थल पर मोबाइल नहीं ले गए थे। इसलिए उन तक पहुंचना चुनौती भरा था। तीन टीमों ने घटनास्थल के आसपास के पांच गांवों के करीब 200 लोगों से पूछताछ की। जिसमें कोटवा गांव के एक शख्स ने बताया कि अरुण के हाथ में कुछ चोट लगी है। वह नशेबाज भी है। उस पर लूट के कई केस भी हैं। पुलिस ने अरुण को उठाया। पूछताछ में उसने राकेश का नाम कबूला। इस तरह वारदात का खुलासा हुआ।