साथ रहने से पत्नी के इनकार पर युवक ने फांसी लगा ली। घटना थाना क्षेत्र के भोजापुर गांव की है। युवक बसपा के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष कंचन लाल जाटव का पुत्र बताया गया है, जिनके घटनास्थल पर पहुंचने पर घर की महिलाओं ने चप्पलों से पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनको बचाया और थाने ले गई। युवक की पत्नी अपने ससुर के साथ गुरसहायगंज में किराये के मकान में रह रही थी। घटना के संबंध में थानाध्यक्ष मोहम्मद तारिक खान ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई होगी। बसपा नेता को हिरासत में ले लिया गया है।
मृतक कन्हैयालाल (25) की शादी दो अप्रैल को छिबरामऊ के कसिरायपुर नौली की साधना के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही साधना पति कन्हैयालाल के साथ न रहकर ससुर के साथ रहती थी। कन्हैयालाल ने साधना से कई बार साथ चलने को कहा लेकिन वह इनकार करती रही। बीते 18 अप्रैल को कन्हैयालाल ने एसपी से लेकर थाना पुलिस तक शिकायत की थी। उसने पिता पर साधना को जबरन अपने पास रखने का आरोप लगाया था।
बीते सोमवार को भी कन्हैया साधना को लेने गुरसहायगंज गया था, लेकिन कंचनलाल ने डांटकर भगा दिया था। शाम को सात बजे वह घर लौटा था। सुबह ग्रामीणों ने बताया कि गांव से एक किलोमीटर दूर जामुन के पेड़ पर शव लटका है। इस पर कन्हैया की मां सुदामा वहां गई। उसने मृत युवक की पहचान अपने पुत्र कन्हैया के रूप में की। सुदामा ने बहू व कंचनलाल पर पुत्र की हत्या का आरोप लगाया। करीब आठ बजे कंचनलाल भी साधना को साथ लेकर गुरसहायगंज से आए तो महिलाओं ने उनके साथ मारपीट कर दी। मौके पर पहुंची यूपी-100 के सिपाही कमलेश व अमर सिंह ने कंचनलाल को बचाया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे दरोगा मुन्नालाल सिंह ने शव को उतारकर ग्राम प्रधान धनीराम व पूर्व प्रधान अशोक की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कन्हैया से कई बार कहा साथ चलो
तालग्राम। पति की मौत के पास विलाप कर रही साधना का कहना था कि उसने कन्हैया से कई बार साथ चलने को कहा था, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। सोमवार की शाम कन्हैया घर आया था और उससे मारपीट कर चला गया। उसने बताया कि ससुर कंचन लाल जाटव ने सरकारी नौकरी दिलाने को कहा था, इसीलए वह ससुर के साथ गुरसहायगंज में रहती थी।
पुलिस की लापरवाही बनी मौत का कारण
तालग्राम। कन्हैया शादी के बाद से गुमसुुम रहने लगा था। पत्नी के साथ न रहने पर वह परेशान रहता था। मां सुदामा देवी का कहना है कि कन्हैया शादी नहीं करना चाहता था। उसने पति के दबाव में आकर शादी कर दी थी। कन्हैया ने शादी के 15 दिन बाद थानाध्यक्ष से लेकर एसपी को पत्र दिया था। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
हरेक से नौकरी दिलाने का वादा
सुदामा देवी कंचन जाटव के बड़े भाई विजय पाल की पत्नी थी। 28 साल पहले मारपीट के कारण विजय घर छोड़ दिल्ली चला गया था। सुदामा देवी को एक पुत्र था, लेकिन वह विजय के साथ नहीं गई। कंचनलाल ने नौकरी दिलाने का वादा किया तो उन्हीं के साथ रहने लगी थी। अब सुदामा के दो पुत्र व दो पुत्रियां थीं। पुत्रों में कन्हैया व प्रभात व पुत्रों में निशा व सरोज थीं। सरोज की शादी हो गई है। बताते हैं कुछ साल पहले कंचनलाल के साथ पलिया बूझपुर से छुन्नी देवी आकर रहने लगी थी। उसे भी नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। वह अपने दो पुत्रों को पति अशोक के पास ही छोड़ आई थी। वर्तमान में सुदामा और छुन्नी कई सालों से मेलजोल के साथ भोजापुर गांव में ही रह रही हैं।