बालिका से दुष्कर्म व हत्या के मामले में पूछताछ के लिए उठाए गए युवक ने सदर कोतवाली की हवालात में ब्लेड से हाथ की नस काट कर आत्महत्या का प्रयास किया। खून बहता देखकर अन्य बंदियों ने शोर मचाया। युवक का उपचार कराने के बाद कार्यालय में बंदी बनाकर रखा गया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव डेंगनपुरवा निवासी विजय कुमार की 10 वर्षीय पुत्री रागिनी 15 मार्च को घर से बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। 19 मार्च रविवार को गांव के बाहर खेत में क्षत-विक्षत शव मिला था। पुलिस करीब आधा दर्जन ग्रामीणों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। बुधवार को हिरासत में आए गांव के एक युवक ने सदर कोतवाली की हवालात में ब्लेड से अपने हाथ की नस काट कर आत्महत्या का प्रयास किया।
खून बहता देख बंदियों ने शोर मचाया। पुलिस वालों ने उसका उपचार कराया और हाथ में पट्टी बांधकर कार्यालय में बंदी बनाकर बैठा दिया है। हिरासत में आए युवक ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए बताया कि वह वारदात की रात बैंड बजाने के लिए दूसरे गांव गया था। वह बेगुनाह है। इसके बाद भी उसे कई दिनों से पुलिस मारपीट कर प्रताड़ित कर रही है। कोतवाल अजय राज वर्मा ने बताया कि युवक को हवालात में बंद नहीं किया गया है। पूछताछ के दौरान लाते समय उसके हाथ में कुछ चोट लगी है। पूछताछ की जा रही है।
सिपाहियों की जगह चौकीदारों की लगती है पहरा ड्यूटी
कोतवाली और थानों में सुरक्षा व्यवस्था व नियम कायदों को ताक रखा जा रहा है। थाना परिसर व हवालात की निगरानी और आगंतुकों से पूछताछ के लिए सिपाहियों की जगह होमगार्ड व चौकीदारों को तैनात किया जाता है। चौकीदार और होमगार्ड चंद पैसों के लालच में लॉकअप में बंदियों को पाना-मसाला से लेकर बगैर परखे भोजन व अन्य सामानों को मुहैया करा देते हैं।