तालग्राम थाना क्षेत्र के मझईया गांव के निकट 18 जनवरी की रात हुई युवक की हत्या में उसकी पत्नी का ही हाथ निकला। विवाहिता ने शादी के छह माह बाद ही अपने प्रेमी व मौसा के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव फेंक दिया। बुधवार को एसपी ने पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके मौसा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी पत्नी का प्रेमी फरार है।
मालूम हो कि 18 जनवरी की रात तालग्राम थाना क्षेत्र के कलकत्तापुरवा गांव निवासी धनीराम पुत्र बेचेलाल का शव मिला था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। मृतक के भाई ने शव के आधार पर धनीराम की पत्नी को आरोपी बनाया। पुलिस ने पूछताछ की तो वह बयान बदलने लगी। इस पर पुलिस का शक बढ़ गया। कडाई से पूछताछ में वह टूट गई। एसपी दिनेश कुमार पी व एएसपी वंशराज यादव ने बताया कि धनीराम की शादी जुलाई 2016 में ककवन थाना क्षेत्र के गांव सिंहपुर निवासी पूनम से हुई।
शादी के सात दिन बाद पूनम मायके आई और फिर ससुराल नहीं गई। पूनम अक्सर अपने मौसा मझईयां निवासी रावेंद्र वर्मा के यहां रहती थी। उसका इसी गांव के विपिन से प्रेम संबंध था। ऐसे में पूनम ने अपने प्रेमी विपिन और मौसा रावेंद्र वर्मा के साथ मिलकर पति धनीराम की हत्या की योजना बनाई। 18 जनवरी की शाम पूनम ने पति धनीराम को फोन कर अपने मौसा के यहां बुलाया। जब वह नहीं आया तो अपने प्रेमी विपिन को बुलाने भेजा। इसके बाद धनीराम मझईयां गांव निवासी पूनम के मौसा के घर चला गया। शाम को सभी ने शराब पी। इसके बाद बातचीत के दौरान गर्मागर्मी हुई और तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। शव को गांव के बाहर फेंक दिया।