रामवृक्ष धमकाता भी था अधिकारियों को
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जवाहर बाग कांड के बाद राजकीय महिला शरणालय में रह रही कन्नौज की चार लड़कियों को बाल कल्याण समिति मथुरा ने बाबा व भाई को कस्टडी देने से इंकार कर दिया है। समिति का कहना है कि पिता की जमानत शुक्रवार को मंजूर हो गई है। इस कारण अब उनकी सुर्पदगी पिता को सौंपी जाएगी। जबकि दूसरे मामले में भाई को बहन का जन्म प्रमाण पत्र पेश करने के निर्देश दिए है। विदित हो कि जिला प्रोवेशन अधिकारी मथुरा ने इन लड़कियों के बारे में कन्नौज जिला प्रशासन को अवगत कराया था।
जिला प्रोवेशन अधिकारी राजेश बघेल ने लड़कियों की सुपर्दगी के प्रपत्र तैयार कराकर भेजे थे, लेकिन शुक्रवार को परिजनों को कस्टडी नहीं दी गई। जिला प्रोवेशन अधिकारी ने बताया कि बाल कल्याण समिति ने भाई सूरज राजपूत को अल्का की सुपर्दगी देने से फिलहाल इंकार कर दिया है। समिति ने बर्थ सर्टिफिकेट का प्रमाण पत्र लाने को कहा है। सुनीति, स्वाती, सोनी के सुपुर्दगी बाल कल्याण समिति ने बाबा को नहीं दी।
उन्होंने बताया कि लड़कियों के पिता जो कि मथुरा जेल में बंद थे, उनकी शुक्रवार को कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी है। लड़कियों की सुपुर्दगी अब पिता को ही सौंपी जाएगी। उधर जवाहर कांड पट्टी पवोरा थाना तिर्वा के गायब हुए हरिनाथ सिंह के बेटे सूरज राजपूत का कहना है कि उसके पिता व मां सिमरा देवी सहित कई लोग पिछले डेढ़ वर्षों से जवाहर बाग में रह रहे थे। छह माह पहले उसके माता-पिता उसकी बहन अलका व भाई की बेटी मंजली को भी साथ ले गए।
घटना के बाद उसकी बहन के अलावा अभी तक किसी का पता नहीं चला है। कहा कि इस कांड में कमलेपुर्वा व पड़ोसी जनपद औरैया के थाना बेला के काफी लोग गायब हैं।