जिला एवं सत्र न्यायालय में पेशी में आए दो बंदियों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की। जिला अस्पताल से दोनों को राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। बंदियों ने पुलिस महकमे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के घमाइचमऊ गांव निवासी मैनुद्दीन (28) पुत्र सैजुद्दीन 02 अगस्त 2016 को दुष्कर्म के आरोप में जिला जेल अनौगी में निरुद्ध हुआ था। जबकि शहर के शेखाना मोहल्ला निवासी बब्लू (19) पुत्र राम प्रसाद 10 माह पूर्व चोरी के आरोप में जेल गया था। दोनों बंदी सोमवार को जिला सत्र न्यायालय में पेशी पर पहुंचे। यहां पर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर अन्य साथियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
बब्लू ने बताया कि पुलिस ने उस पर फर्जी छह चोरी के मुकदमे दर्ज किए हैं। इसके अलावा जेल पुलिस भी उसे व उसके साथी मैनुद्दीन को मारपीट कर प्रताड़ित करती है। जेल से छूटते ही पुलिस उसे उठाकर फर्जी मुकदमे में जेल भेज देती है।
उधर, मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया कि दोनों बंदियों की हालत में सुधार है। वहीं, न्यायालय की हवालात में बंद बंदियों के पास जहरीला पदार्थ कहां से आया इसका जवाब पुलिस नहीं दे पा रही है। जबकि जेल से लेकर न्यायालय में पेश करने तक बंदियों की सुरक्षा में पुलिस जवान तैनात रहते हैं।