फास्ट ट्रैक न्यायालय के न्यायाधीश हितेंद्र हरी ने शनिवार को करीब नौ वर्ष पुराने जानलेवा हमले के मामले में दो सगे भाइयों को पांच-पांच वर्ष की सजा और 11 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। शासकीय अधिवक्ता राजीव दुबे ने बताया कि वादी सौरिख के डडुअन निवासी भरत सिंह पुत्र मैकूलाल ने 13 सितंबर 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि गांव के ही दो युवक राम निवास, हरि विलास पुत्रगण रामसिंह नाली के एक मामूली विवाद को लेकर अधिया-तमंचा लेकर उसके घर में घुस आए व गाली-गलौज करने लगे। उसके भाई राजू ने विरोध किया तो दोनों ने उस पर गोली चला दी। गोली उसके मुंह के निचले हिस्से ठोढ़ी में जा लगी। उसे छिबरामऊ सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक अमर सिंह को सौंपी गई। विवेचना के आधार पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 5-5 वर्ष की सश्रम कारावास व 11-11 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि जुर्माना नहीं भरते हैं तो दोनों को छह माह की अतिरिक्त सजा और काटनी होगी। जुर्माने से 20 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने का भी आदेश दिया गया।