औरैया जनपद के बिधूना कस्बे से वसूली करने आए मुनीम की हत्या कर दी गई। उसका शव एक व्यापारी के घर से बरामद हुआ है। आशंका है कि पैसे के लालच में मुनीम की हत्या की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
कस्बा बिधूना के मोहल्ला नवीनबस्ती निवासी प्रदीप कुमार (45) पुत्र रामकृष्ण कस्बे के गांधी साइकिल स्टोर पर मुनीम है। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह पेमेंट लेने के लिए निकला। देर शाम तक वापस नहीं जाने पर परिजनोें ने मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन पता नहीं चल सका। गुरुवार को मुनीम के परिजन छिबरामऊ पहुंचे और कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने लापता मुनी का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया।
कोतवाल आमोद कुमार सिंह ने बताया कि कस्बे के साइकिल व्यापारी वीर पाल सिंह से मुनीम के बारे में जानकारी की गई तो पता चला कि उसे 85 हजार भुगतान करना था। वीरपाल से उसके बेटे यशपाल सिंह उर्फ मोनू के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि वह बाहर गया हुआ है। इस पर शक हुआ और गुरुवार देर शाम मोनू के घर की तलाशी ली गई। पुलिस मोहल्ला कोलियान स्थित मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंची तो वहां गोदाम में लापता मुनीम प्रदीप कुमार का रक्तरंजित शव मिला। सूचना पर सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने जिले से फोरेंसिक टीम को बुला लिया फोरेंसिंक टीम प्रभारी मुमताज अली ने जांच कर नमूने लिए। इस दौरान पुलिस को आलाकत्ल हथौड़ी भी बरामद हो गई। इससे लगता है कि मुनीम की हथौड़ी के प्रहार से हत्या की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर जानकारी होते ही मृतक के परिजन भी मौके पर आ गए। इस बीच व्यापारी के घर के बाहर देर रात तक भीड़ का जमावड़ा लगा रहा। पुलिस आरोपी मोनू की तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता चला कि मुनीम छिबरामऊ आने से पहले मैनपुरी के कस्बा किशनी में दो व्यापारियों से लगभग 29 हजार रूपए की वसूली किया था।
बुधवार से लापता था मुनीम
छिबरामऊ। लापता मुनीम के पुत्र चंदन गुप्ता ने बताया कि उसके पिता प्रदीप कुमार बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे शहर के न्यू आर्या साइकिल स्टोर पर पैमेंट लेने आए थे। इसके अलावा तीन अन्य साइकिल की दुकानों पर तगादा करना था। गुरुवार की शाम करीब चार बजे उनकी पिता के मोबाइल पर बात हुई। तब उन्होंने बताया था कि वह छिबरामऊ से सौरिख के लिए निकल रहे हैं। इसके बाद से उनसे अब तक कोई संपर्क नहीं हुआ है। काफी तलाश किया कहीं कोई पता नहीं चल रहा है। तब उन्होंने कोतवाली जाकर अपने पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई।