जमीन के बंटवारे में सगे भाई की हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया है। शासकीय अधिवक्ता छेदीलाल गौतम ने बताया कि ठठिया थानाक्षेत्र के पल्योरा गांव निवासी वादी ज्ञान स्वरूप पुत्र मुंशीलाल ने बताया था कि 6 जुलाई 2009 की सुबह घर पर भाई गोविंद पुत्र मंशीलाल व रामबाबू पुत्र मुंशीलाल के बीच विवाद हो गया था।
उसी दौरान घर में मौजूद कानपुर देहात के मंगलपुर थानाक्षेत्र के बाबूपुरवा निवासी गोविंद के ससुर संतराम और चचिया ससुर कल्लू पुत्र देवी दयाल बहाने से उसे खेत ले गए और रामबाबू की हत्या कर दी थी। इसी मामले की विवेचना एसओ समरेश कुमार ने की थी। वादी की शिकायत पर एडीजे प्रथम की अदालत में मामले की सुनवाई चली। इस दौरान कोर्ट ने गवाह और साक्ष्यों के आधार पर गोविंद, संतराम, व कल्लू को हत्या का दोषी करार देते हुए 25-25 हजार रुपये जुर्माना व तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।