पेट दर्द से पीड़ित युवती को राजकीय मेडिकल कालेज एक्सरे कक्ष में लाया गया, अचानक मौत हो गई। परिवार के लोगों ने उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप भी जड़ा। बाद में परिजन युवती के शव को अपने गांव ले गए। कोतवाली क्षेत्र के बेहरिन गांव निवासी मीना प्रजापति (18) पुत्री धनीराम प्रजापति को शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब जिला अस्पताल से रेफर करके मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। युवती पेट दर्द से पीड़ित थी। उसे उल्टियां भी आ रही थी। इस पर चिकित्सकों ने युवती का अल्ट्रासाउंड कराया।
अल्ट्रासाउंड में बीमारी समझ में न आने पर डाक्टरों ने एक्सरे कराने के लिए उसे एक्सरे कक्ष में भेजा। दोपहर एक बजे के करीब एक्सरे कक्ष में ही मीना ने दम तोड़ दिया। मौत की जानकारी मिलते ही युवती की मां व भाई व ताऊ में हड़कंप मच गया। मां बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। इसस दौरान युवती के ताऊ मनीराम प्रजापति ने बताया कि मीना को बुधवार की शाम पेट में दर्द हुआ था। गांव में ही एक चिकित्सक को दिखाया। राहत न मिलने पर गुरुवार की शाम उसे जिला चिकित्सालय ले गए।
यहां से उसे मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया। उनका आरोप था कि चिकित्सकाें ने उपचार में लापरवाही बरती। किसी भी सीनियर चिकित्सक ने भतीजी को नहीं देखा। इमरजेंसी में मौजूद जूनियर डाक्टर ही उसका उपचार करते रहे। उन्हें बीमारी समझ में नहीं आई। इस वजह से मीना की मौत हो गई। इस मामले में मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में मौजूद जूनियर डाक्टरों की काल पर ओपीडी से मेडिसिन विभाग के वरिरष्ठ चिकित्सक को भेजा गया था। सीनियर डाक्टर की सलाह पर ही अल्ट्रासाउंड कराया गया था। तीमारदार का आरोप बेबुनियाद है।