फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुल्हाड़ी से काट कर दूधिया की हत्या

Wed, 22 Mar 2017 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
विज्ञापन
मृतक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम सकरावा में पुलिस चौकी से महज दो सौ मीटर दूर घर के बाहर सो रहे दूधिया की कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी गई। घर से दस कदम की दूरी पर बुधवार की सुबह गड्ढे में रक्तरंजित शव मिला। परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सौरिख-ऊसराहार मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन


मैनपुरी का निवासी बृजभूषण यादव (45) पुत्र लालाराम ससुराल में रहकर दूध का धंधा करता था। बुधवार सुबह ग्राम सकरावा में पुलिस चौकी के पास ही गड्ढे में शव सड़क किनारे पड़ा था। उसके सिर व शरीर में कई जगह धारदार हथियार के निशान थे। सूचना पाकर सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी, थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास, चौकी प्रभारी अरुण कुमार यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं, हत्या से आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने सौरिख-ऊसराहार मुख्य मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की।

ग्रामीणों का आक्रोश देख सीओ ने आसपास के सभी थानों से फोर्स बुलवा ली। लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा। सीओ ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया और मुकदमा दर्ज होने के बाद घटना के शीघ्र खुलासे तथा हत्यारों को पकड़ने का आश्वासन दिया, तब लोगों ने जाम खोला। पुलिस ने दोपहर बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
विज्ञापन


मृतक के छोटे भाई नेम सिंह यादव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। सीओ ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

15 साल से ससुराल में रह रहा था बृजभूषण
बृजभूषण मूलरूप से जनपद मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के ग्राम कूड़ी का रहने वाला था। लगभग 15 साल पहले वह अपनी ससुराल सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम करीला में परिवार के साथ रहने लगा था। दस साल पहले उसकी पत्नी मीरा व बड़ी बेटी राधा की बीमारी से मौत हो गई थी। छह साल पहले वह छोटी बेटी शिल्पी यादव के साथ सकरावा में पुलिस चौकी के पास एक किराए के मकान में रहने लगा था। वह दूध बेचने का धंधा करता था। उसने तीन भैंसें भी पाल रखी थीं। बेटी शिल्पी इंटर की बोर्ड परीक्षा दे रही है। भैंसों की रखवाली के लिए बृजभूषण मकान के बाहर ही सोता था। पुत्री शिल्पी के मुताबिक मंगलवार रात नौ बजे खाना खाकर उसके पिता बाहर लेट गए। उनके साथ पड़ोस के ही अशोक व टिंकू देर रात तक बैठे बात करते रहे। सुबह जब वह घर से बाहर निकली तो पिता बिस्तर पर नहीं थे। खोजबीन की तो उनका रक्तरंजित शव घर के पास ही गड्ढे में पड़ा मिला। ग्रामीणों का कहना था कि बृजभूषण की किसी से कोई रंजिश नहीं थी और वह शराब भी नहीं पीता था। उसने सकरावा में एक प्लाट भी खरीदा है। भाई नेम सिंह ने बताया कि उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें