बाग में गड्ढा खोदकर रखी गई मिट्टी
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नोएडा में संदिग्ध हालात में मरी यहां की छात्रा रीतू यादव के परिजन दुबारा पोस्टमार्टम कराए जाने के लिए पांच दिन से उसका शव रखे हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्रा की हत्या की गई है। दुबारा पोस्टमार्टम के लिए मंगलवार को डीएम-एसपी से मिलेंगे। उचित कार्रवाई न हुई तो यहां धरना-प्रदर्शन कर रोड जाम की जाएगी। इस बाबत जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
परिजन उनसे मिलते हैं तो छानबीन के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी, वैसे दुबारा पोस्टमार्टम जांच एजेंसी की सिफारिश पर होता है। तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के गांव साहनापुर निवासी छात्रा रीतू यादव की 20 अप्रैल को नोएडा में छत से गिरने से मौत बताई गई थी। उसके चाचा साहनापुर के प्रधान भूरा यादव ने बताया कि घटना की जानकारी 20 अप्रैल की सुबह सात बजे मिली। परिवार के लोग शाम छह नोएडा बजे पहुंचे। तब तक पोस्टमार्टम हो चुका था।
उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने में जानबूझकर जल्दबाजी की। परिवार के लोगों से कुछ पूछने की जरूरत तक नहीं समझी। दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, इसीलिए सुसाइड नोट में जिन चारों रूम पार्टनर छात्राओं का जिक्र था, उनमें से किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि रीतू यादव बीटेक सेकेंड इयर की छात्रा थी। वह नोएडा में एक ही फ्लैट में चार छात्राओं के साथ रहती थी।
घटना से पूर्व 19 अप्रैल की रात साढ़े दस बजे पिता विशंभर सिंह के पास एक रूम पार्टनर ने फोन किया था। इसमें बताया था कि दो अन्य रूम पार्टनर ने रीतू को बियर की बोतलों से मारा है। मारपीट में एक का ब्वाय फ्रेंड भी था। उन्होंने बताया कि फिलहाल रीतू के शव को गांव के बाहर बाग में बनाए जाने वाले समाधि स्थल के पास जमीन में गड्ढा खोदकर रखवा दिया है। सपा के सदर विधायक अनिल दोहरे, सांसद डिंपल यादव, मुख्यमंत्री के निजी सचिव गजेंद्र सिंह को मामले से अवगत करा दिया है। उन्होंने न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। नोएडा के एसपी को फोन करके कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया है।