तिर्वा। सोमवार रात को मेडिकल कालेज में 12 छात्रों के निलंबन के बाद आक्रोश भड़का था। रैगिंग की शिकायत पर सोमवार की शाम को प्राचार्य ने यह कार्रवाई की थी। इसी के बाद सीनियर छात्र जूनियर पर भड़क गए। बताते हैं कि कालेज में 15 दिनों से रैगिंग की घटनाओं में तेजी आई थी। 14 अक्तूबर को एक छात्रा के पिता ने कालेज की वेबसाइट के साथ ही एसपी से भी इसकी शिकायत की थी।
सीओ तिर्वा ने जांच भी की थी लेकिन पुलिस को जांच में साक्ष्य नहीं मिले थे। इधर, 29 अक्तूबर को जूनियर छात्रों ने प्राचार्य से मिलकर रैगिंग का आरोप लगाया था। इस पर प्राचार्य ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसी शिकायत के आधार पर जांच की गई तो आरोप सही पाए गए और प्राचार्य ने 12 छात्रों को सोमवार शाम करीब चार बजे निलंबित कर दिया था। इसकी जानकारी मिलते ही सीनियर छात्र रात में भड़क गए।
राजकीय मेडिकल कालेज में पैरा 2017 के 100 एमबीबीएस स्टूडेंटस के सितंबर मध्य तक प्रवेश लेते ही छिटपुट रैगिंग के मामले सामने आने लगे थे। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक इसमें तेजी आ गई। रैगिंग की शिकायत मिलने पर मेडिकल कालेज प्रशासन ने पैरा 2017 के जूनियर स्टूडेंट्स को ब्वायज हॉस्टल से हटाकर नर्सेज हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया था। यहां सीनियर छात्रों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई थी। 14 अक्तूबर को मेडिकल कालेज की वेबसाइट पर एक छात्रा के पिता ने पैरा 2016 की एक गर्ल्स स्टूडेंट पर रैगिंग करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
अभिवावक ने एसपी को भी एक रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेजकर शिकायत की थी। इस शिकायत पर मेडिकल कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी के साथ ही सीओ तिर्वा मोनिका यादव ने भी जांच की थी। जांच में रैगिंग का आरोप का सही नहीं पाया गया था। 29 अक्तूबर की शाम करीब एक दर्जन पैरा 2017 के स्टूडेंट्स ने प्राचार्य को पत्र देकर पैरा 2016 के सीनियर स्टूडेंटस पर रैगिंग करने का आरोप लगाया था। इस शिकायत पर प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने सोमवार की शाम करीब चार बजे एंटी रैगिंग कमेटी के पदाधिकारियों के साथ अपने कक्ष में बैठक की।
यहां विचार-विमर्श के बाद पैरा 2016 के एमबीबीएस स्टूडेंटस हरदीप सिंह, संतोष कुमार सिंह, मो. सलमान, मो. अमान सिद्दीकी, नितिन कुमार सिंह, दिव्यांशु कुमार सिंह, हर्षित कुमार, दिलशाद हुसैन, विवेक प्रताप सिंह, सिद्वांत सेठी, देवाशीष सिंह, प्रवीन कुमार वर्मा को अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया था। इन 12 छात्रों के हॉस्टल, क्लास रूम व मेडिकल कालेज कैंपस में आने-जाने पर रोक लगा दी थी।
प्राचार्य ने इन निलंबित छात्रों के अभिवावकों से फोन पर संपर्क कर उन्हें कार्रवाई की सूचना भी दे दी थी। साथ ही बुधवार को उन्हें मेडिकल कालेज में आने को कहा था। उधर, मेडिकल कालेज प्रशासन का आरोप है कि इन छात्रों के निलंबन के बाद उक्त छात्रों ने अपने अन्य सीनियर छात्रों से संपर्क साधा। इसके बाद ही कैंपस में बवाल शुरू हो गया। पथराव, मारपीट व तोड़फोड़ में कई छात्र व चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
दहशत में जूनियर छात्र, नहीं आए क्लास
तिर्वा। मेडिकल कालेज कैंपस में हुए बवाल के बाद पैरा 2017 के छात्र अभी भी भयभीत है। मंगलवार की सुबह शैक्षणिक भवन में चलने वाले एमबीबीएस क्लास में पैरा 2013, 14,15, 16 के छात्र तो क्लास लेने आए। पर पैरा 2017 का कोई भी स्टूडेंटस क्लास अटेंड करने नहीं गया। सभी छात्र नर्सेज हॉस्टल के रुम में ही कैद रहे। हालांकि पैरा 2016 के 18 छात्रों की मंगलवार की पूरक परीक्षाएं थी। उनका फिजियोलॉजी विषय का द्वितीय प्रश्नपत्र था। सभी छात्रों ने परीक्षाएं दी।
एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी ने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन की मांग पर दो प्लाटून पीएसी कैंपस में तैनात कर दिया गया है। पीएसी और कोतवाली पुलिस व्वायज हॉस्टल, नर्सेज हॉस्टज, गर्ल्स हॉस्टल में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुए है। एएसपी, सीओ, तिर्वा कोतवाल ने सुबह प्राचार्य कक्ष पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्राचार्य से बातचीत की। इस दौरान प्राचार्य ने निलंबित किए गए 12 छात्रों से हॉस्टल खाली कराने को लेकर अफसरों से कहा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
तिर्वा। मेडिकल कालेज में हुए बवाल की जानकारी मानव संसधान विकास मंत्रालय नई दिल्ली तक पहुंची है। नई दिल्ली से जिला प्रशासन से इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी गई है। एसएसआई तिर्वा अनवार अहमद ने बताया कि नई दिल्ली से मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अफसरों ने पूरे मामले की जानकारी मांगी है। उधर, बवाल को लेकर मंगलवार को पूरे दिन शासनस्तर से जानकारी मांगी जाती रही।
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा प्रमुख सचिव व चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने मेल भेज कर मेडिकल कालेज के प्राचार्य से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीजीएमई व प्रमुख सचिव को भेजी गई। कानपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक ने भी एसपी से पूरे विवरण की जानकारी मांग की।
पांच सदस्यीय समिति करेगी जांच
तिर्वा। बवाल को लेकर मेडिकल कालेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाकर पूरे मामले की विस्तार से जांच कराने के आदेश दिए है। प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि ईएनटी के विभागाध्यक्ष डा. संदीप कौशिक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। तीन दिनों में समिति से जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
10 सदस्यीय एंटी रैगिंग कमेटी के बाद भी हुआ बवाल
तिर्वा। मेडिकल कालेज में रैगिंग को रोकने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी गठित है। इसके अध्यक्ष प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया है। उपाध्यक्ष डा. संदीप कौशिक है। सदस्य के रूप में डा. मंजुला सिंह, डा. आईए अंसारी, डा. डाली रस्तोगी, डा. एसके ध्रुव, डा. रीना संत, डा. प्रदीप खारिया, डा. कुलदीप कुमार के अलावा दसवें सदस्य के रूप में सीओ तिर्वा नामित सदस्य है। इसके अलावा मेडिकल कालेज के शैक्षणिक भवन, छात्रावासों में जगह-जगह पर रैगिंग न करने व रैगिंग करने वाले छात्रों पर की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी चस्पा है। इन सबके बावजूद भी पिछले पांच सालों के दौरान सोमवार की रात पहली बड़ी घटना हुई।