दुकानदार से मारपीट के मामले में आरोपी मामा ने साजिश के तहत बेटे तो तालग्राम थाने से फरार करा दिया। इसके बाद साजिश के तहत अपने भांजे को जेल भिजवा दिया। जानकारी होने पर तालग्राम पुलिस में खलबली मच गई। अब पुलिस घूम रहे आरोपी की तलाश में जुट गई है। वहीं फर्जी जेल गए युवक के खिलाफ गलत नाम बताने पर धोखाधड़ी की कार्रवाई करने की योजना बना रही है। अमोलर थाना तालग्राम में 20 जून की शाम दुकान की जगह खाली कराने को लेकर एक पक्ष के सुरेश पुत्र गंगाराम व उसके पुत्र विमल, रिंकू, टिंकू ने निकट के ही सुभाष, मनु, रीना, उर्मिला, धीरज को मारपीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
मामले में पुलिस ने आरोपी सुरेश पुत्र गंगा राम के अलावा उसके पुत्र विमल, रिंंकू व टिंकू को गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच विमल पुलिस को चकमा देकर थाने से खिसक लिया। उसके स्थान पर मामा सुरेश ने अपने साथ भांजे गुरसहायगंज के रामगंज निवासी जीतू को थाने में बैठा लिया। सभी घायलों का डाक्टरी परीक्षण होने के बाद पुलिस ने पीड़िता उर्मिला पत्नी सुभाष चंद्र की तहरीर पर धारा 308, 506, 427, 323, 504 में रिपोर्ट दर्ज की। सुबह होने पर पकड़े गए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जहां पुलिस के सामने एक मामला फंस गया। इसमें आरोपी सुरेश ने अपने भांजे जीतू का नाम अपने पुत्र विमल के रूप में बताया।
लिखा पढ़ी के बाद उसे जेल भेज दिया गया। अखबार में जब सभी आरोपियों की जेल जाने की खबर और फोटो प्रकाशित हुई तो मोहल्ले में चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद मामले का खुलाया हुआ सुरेश ने साजिश के तहत भांजे जीतू को जेल भिजवाया है। जबकि उसका पुत्र आरोपी विमल फरार है। थानाध्यक्ष अनवर अहमद का कहना है कि पकड़े गए युवक जीतू ने अपना नाम फर्जी तरीके से विमल बताया। अब उसके खिलाफ 420 का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर अंबरीष कुमार सिंह भदौरिया का कहना है कि गलत नाम बताने वालों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।