बुलंदशहर रेप कांड की जांच के लिए जुटी सीबीआई टीम अब सलीम बावरिया और उसके दो साथियों के बैंक खातों की तलाश में जुटी है। सीबीआई टीम को आशंका है कि लूट का पैसा छिपाने के लिए बावरिया गिरोह के सदस्यों ने फर्जी वोटर आईडी से बैंक खाता भी खोला हो सकता है। इसी को लेकर टीम ने शुक्रवार को टीम तिर्वा, आरौल, मकनपुर और बिल्हौर में पड़ताल की। बुलंदशहर गैंग रेप कांड की जांच में जुटी सीबीआई की टीम पिछले छह दिनों से तिर्वा में डेरा डाले है।
टीम के सदस्य गैंग रेप कांड में गिरफ्तार सलीम बावरिया व उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में जुटे हैं। पिछले दिनों टीम ने छापा मारकर दो दर्जन फर्जी वोटर आईडी प्रूफ बरामद किए थे। इनमें सबसे अधिक एक दर्जन फर्जी वोटर आईडी कानपुर नगर के मकनपुर में स्थित डेरे से बरामद हुए थे। बताते हैं कि सलीम बाबरिया तिर्वा के जोगिन डेरा बस्ती में अपना ठिकाना बनाने से पहले मकनपुर के डेरे में ही शरण पाता था।
सीबीआई टीम को छापेमारी के दौरान अभी तक न तो कोई हथियार मिले हैं और न ही इन डेरों से कोई बड़ी रकम या जेवरात ही हासिल हुए है। तिर्वा के जोगिन डेरा बस्ती में शरण पाने वाले लोग दिखावे के तौर पर जानवरों की खरीद फरोख्त को अपना व्यवसाय बताते हैं।
सीबीआई को भी उन्होंने इसे अपना पेशा बताया था। लाखों के लेनदेन की बात भी बताई थी पर किसी ने बैंक खाता होने की कोई जानकारी सीबीआई को नहीं दी है। वोटर आईडी के बरामद होने के बाद सीबीआई टीम को यह आशंका है कि सलीम अथवा गिरोह के अन्य लोगों का क्षेत्र के किसी बैंक में खाता हो सकता है। यह खाता उन्हीं फर्जी वोटर आईडी प्रूफ के जरिए खोला गया हो। इसी आशंका के मद्देनजर टीम के अधिकारी शुक्रवार को पूरे दिन इन क्षेत्रों में जांच-पड़ताल करते रहे।