मकान में लगी आग पर बौछार मारते दमकल कर्मी।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव दरियापुर चंदई में अचानक एक मकान में आग लग गई। आग ने तीन अन्य मकानों को चपेट में ले लिया। कोतवाली पुलिस, दमकल और ग्रामीणों की दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में लाखों रुपये का सामान और 14 मवेशी जलकर मर गए। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। दरियापुर चंदई गांव निवासी नत्थू पुत्र रामेश्वर का फूस बंगला गांव के पूर्वी छोर पर बना हुआ है।
बंगले के आसपास कई पक्के मकान बने हैं। इसमें आगे छप्पर रखे हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे नत्थू के फूस बंगले से आग की लपटें निकलने लगीं। जब तक मोहल्लेवासी कुछ समझ पाते तब तक लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने बाल्टी में भरकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। तब तक आग ने पड़ोस में रहने जगदीश पुत्र मुंशी के मकान के बाहर रखे छप्पर को आगोश में ले लिया। धीरे-धीरे लपटों ने संतराम पुत्र मुंशी व सोमनाथ पुत्र दीना के मकानों को भी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों ने फायरब्रिगेड को सूचना दी। करीब 45 मिनट बाद फायरब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक दमकल कर्मियों ने आग पर पानी उड़ेल कर उसे शांत किया। नत्थू ने बताया कि उसके बंगले में नौ बकरियां, एक बाइक, 15 क्विंटल गेहूं, चार हजार रुपये, कपड़े, बर्तन जलकर राख हो गए।
इसी तरह जगदीश के 10 क्विंटल गेहूं, तीन क्विंटल धान, एक क्विंटल राई, पांच बकरियां, तीन हजार रुपये के अलावा घर में रखे कपड़े बर्तन जल गए। इसी तरह संतराम के छप्पर में रखे अनाज, कपड़े, पंखा सहित अन्य सामान जल गया। इसके अलावा सोमनाथ के छप्पर के नीचे रखे गेहूं, भूसा के अलावा अन्य सामान जलकर राख हो गया। ग्राम प्रधान पन्नेलाल दोहरे ने बताया कि जिन ग्रामीणों का आग लगने से नुकसान हुआ है। उन सभी को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।