पुलिस को जानकारी देते पीड़ित युवक।
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नौकरी के नाम पर ठगे गए बांदा से आए पीड़ित युवकों ने कथित सपा नेता के कारनामे सुनाए तो पुलिस भी दंग रह गई। पीड़ितों ने बताया कि सपा नेता अपने भाई को प्रमुख सचिव बताकर सचिवालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाता था। रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए जाते थे। इस जालसाजी से परेशान एक युवक की हार्टअटैक से मौत हो चुकी है।
गुरुवार को कोतवाली पहुंचे बांदा जिले के ग्राम बाघा निवासी धर्मेंद्र सिंह व बरेहण्डा निवासी दिलीप सिंह ने पुलिस को आपबीती सुनाई। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सपा भुर्जी महासभा का राष्ट्रीय महासचिव शरद भुर्जी उन्हीं के गांव का रहने वाला है। वह अक्सर गांव जाकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देता था। झांसे में फंसकर तीन लोगों ने उसे 12 लाख रु पये दे दिए। यह धनराशि किसी के खाते में ट्रांसफर करवाई गई थी। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शरद ने अतर्रा बांदा के गांव गोमई निवासी ललित किशोर से भी सचिवालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये लिए थे।
नौकरी न लगने पर उसने रुपये वापस मांगे। आर्थिक तंगी से हार्टअटैक पड़ने से ललित किशोर की मौत हो गई थी। धर्मेंद्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद क्षेत्राधिकारी सोमेंद्र कुमार नेगी ने फोन कर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। कथित सपा नेता की शिकायत उसने प्रदेश सरकार से भी की है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सोमेंद्र कुमार नेगी ने बताया कि वादी के उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना की जा रही है।