सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव सठियापुर टिकुरियन में गया प्रसाद पुत्र मोहनलाल की गोली मारकर तीन माह पहले की गई हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस की जांच में वादी पक्ष के लोगों ने ही गोली मारी थी, जबकि विरोधियों को भूमि विवाद दिखाकर आरोपी बनाया गया था। पुलिस वादी के पक्ष के दो आरोपियों की तलाश कर रही है। कानपुर देहात जनपद के रहने वाले गया प्रसाद पुत्र मोहनलाल को 5 सितंबर 2016 की रात सठियापुर टिकुरियन गांव में अपने मामा के यहां सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
गेंदालाल पुत्र मुन्नीलाल ने पड़ोसी कमलेश पुत्र श्रीराम, बेचेलाल पुत्र गुरुदयाल, अतर सिंह पुत्र आेंमकार, धर्मेंद्र पुत्र विशंभर लाल व रामतीर्थ पुत्र गंगाराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस ने बेेचेलाल को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अन्य आरोपी फरार थे। मामले की विवेचना सदर कोतवाली प्रभारी आलोक सिंह यादव ने कराई। जांच में पाया कि जिन आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था वे वारदात के वक्त दिल्ली, हरियाणा व पंजाब में थे। वहीं घटना वाली रात वादी पक्ष के लोगों ने घर में शराब पी।
इसके बाद फायरिंग की। इसी दौरान गोली गयाप्रसाद को लगी। अपने को बचाने के लिए वादी पक्ष के लोगों ने पड़ोसियों पर भूमि विवाद बताकर उनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस वादी पक्ष के गवाह सुंदर व विपिन पुत्रगण सोनेलाल की तलाश में जुट गई है। उधर वादी पक्ष की महिला गंगजली पत्नी सोनेलाल ने एसपी दिनेश कुमार पी को शिकायती पत्र देकर पुलिस पर गलत फंसाने का आरोप लगाया है।