जमीन के विवाद में महिला से मारपीट करने वाले दो लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। गुस्साए हथियारों से लैस हमलावरों ने पुलिस जीप के आगे स्कोर्पियो अड़ाकर पथराव कर दोनों को छुड़ा लिया। इसमें एक दरोगा समेत एक महिला होमगार्ड चुटहिल हो गईं। अन्य पुलिस वालों ने भाग कर जान बचाई। पुलिस ने 17 नामजद और 45 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
ठठिया थाना क्षेत्र के गांव गुरौली निवासी मुनीजा बेगम के पति शराफत अली की करीब 10 साल पहले मौत हो गई थी। उसकी जमीन पर पति के भाई मुशीर, मसी जमां, अय्याज कब्जा किए थे। दो दिन पहले राजस्व की टीम ने उक्त लोगों से कब्जा हटवाया था। रविवार को मुनीजा बेगम जमीन पर निर्माण कार्य करा रही थीं। तभी उक्त लोगों ने उस पर हमला कर दिया।
इसकी शिकायत मिलते ही दरोगा संजीव कुमार, सिपाही प्रवेश कुमार, होमगार्ड शमशाद, महिला होमगार्ड रमा देवी व आरक्षी चालक वीरेंद्र कुमार के साथ मौके पर जीप लेकर पहुंच गए। यहां फसी अहमद पुत्र मसी जमां, जाबीद पुत्र मसी जमां, मुशीर पुत्र कुतुबद्दीन, बसीक पुत्र मुशीर, अलबुन्ना पत्नी मुशीर, रेशमा पुत्री अल्कुन्ना, सलमा पुत्री अल्कुन्ना बेरहमी से मुनीजा बेगम को पीट रहे थे। इस दौरान पुलिस टीम ने बसीक व रेशमा को हिरासत में लेकर थाने आ रहे थे। तभी गांव के इकरार पुत्र शमी उल्ला ने जीप के आगे स्कार्पियो लगाकर पुलिस टीम को घेर लिया। इस दौरान कई लोग असलहे और लाठी-डंडों के साथ पुलिस टीम को पीटने के साथ पथराव कर दिया।
इससे गांव में भगदड़ मच गई। इसी बीच हमलावर पुलिस की हिरासत से मुशीर और रेशमा को मुक्त कराकर फरार हो गए। इस दौरान किसी तरह से पुलिस टीम ने भागकर जान बचाई। जबकि हमले में एसआई संजीव कुमार और महिला होमगार्ड रमादेवी चुटहिल हो गए। एसआई संजीव कुमार ने इकरार, नहीफ, तौफीक, जाहिद, इसराइल, इकरार पुत्र शमीउल्ला, इकरार, सगीर, मुशीर खां, बसीक, जाबिर, फसी अहमद, पप्पू, शमशाद, अलकुन्ना, रेशमा, सलमा समेत 45 अज्ञात लोगों के खिलाफ हमलाकर आरोपियों को छुड़ा ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया है।