नगला हंसे में युवक को छुड़ाने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। ग्रामीणों की पिटाई से थानाध्यक्ष समेत दो सिपाही घायल हो गए। पथराव में पुलिस जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई। मामले में 24 नामजद समेत 150 लोगों के खिलाफ बवाल की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ग्राम नगला हंसे में 17 जनवरी को संतोष पाल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नगला झाबर निवासी सुमित फरार चल रहा था। सोमवार को हंसे नगला गांव के लोगों ने सुमित के धोखे में उसी गांव के सतेंद्र कुमार और उसके रिश्तेदार मोहन को गांव के बाहर पकड़ लिया और धुनाई कर दी। किसी ने इसकी सूचना खड़िनी चौकी पुलिस को दी। पुलिस जब उन्हें छुड़ाने पहुंची तो ग्रामीणों के विरोध के चलते वह लौट गई। बाद में थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास अपने हमराह सिपाहियों राजकुमार व दीपक के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ उन पर भी हमलावर हो गई।
पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों की भीड़ से सतेंद्र व उसके रिश्तेदार को छुड़ाकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया, लेकिन इस प्रयास में थानाध्यक्ष व दोनों सिपाही घायल हो गए। पथराव में पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। गंभीर हालत में थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास, सिपाही राजकुमार व ग्रामीण सतेंद्र कुमार को मेडिकल कालेज तिर्वा रेफर किया गया। इस मामले में 24 नामजद समेत 150 के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सुमित के धोखे पिट गया सतेंद्र
सौरिख। क्षेत्र के ग्राम हंसेनगला में मिट्टी खोदने के विवाद में गांव के संतोष पाल की दो माह पहले हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही देवेंद्र, जोगेंद्र, आशाराम व रामप्रताप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस की विवेचना में इन लोगों के अलावा नगला झाबर गांव के बहादुर, दीपक व सुमित के नाम प्रकाश में आए थे। इनमें पुलिस ने बहादुर व दीपक को गिरफ्तार किया था, जबकि सुमित पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि सुमित अकसर अपने घर आता-जाता रहा, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। होली पर भी वह गांव आया था। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने फरार चल रहे सुमित को उसके एक अन्य साथी के साथ पकड़ लिया था, जबकि पुलिस का दावा है कि ग्रामीण जिसे सुमित समझकर पीट रहे थे दरअसल वह सुमित न होकर उसी गांव का सतेंद्र था और उसके साथ विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम नगला माधौनगर निवासी उसका बहनोई मोहन था। ग्रामीण सुमित के धोखे सतेंद्र कुमार को पीट रहे थे। यदि पुलिस समय से न पहुंच जाती तो ग्रामीण पीट-पीटकर हत्या कर देते। पुलिस का कहना है कि काफी मशक्कत के बाद उन लोगों को भीड़ के चंगुल से बचा पाए। हालांकि ग्रामीणों की पिटाई से सतेंद्र की हालत नाजुक बनी हुई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी पुलिस
सौरिख। खड़िनी चौकी इंचार्ज विनोद कुमार ने पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में ग्राम हंसेनगला निवासी अवधेश, अमर सिंह, विमलेश, अजय, मुन्नू पाल, राजीव कुमार, कमलेश, ललित पाल, नायाब सिंह, जबर सिंह, रमेश, साहिब, शेबू पाल, नेकू पाल, लल्ली, पुष्पेंद्र, लल्ला, भूरे, रवींदर तथा ग्राम ग्यासपुर निवासी रिपुदमन उर्फ चुनमुन, आमोद, जगत पाल, बबलू व अजय पाल समेत 150 अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगातार दबिशें दे रही हैं, लेकिन वह सभी गांव से भाग गए हैं।