हाईवे और प्रमुख मार्गाें से ढाई सौ मीटर दूर शराब पर दुकानें खोलने को लेकर शनिवार को दिनभर विवाद चलता रहा। शाम को जिला मुख्यालय से सटे पाल चौराहे के पास शराब की दुकानें खोलने के विरोध में महिलाओं ने पथराव कर दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो उन पर भी हमला बोल दिया। इसमें शराब कारोबारी घायल हो गया और तीन बाइकें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार शराब कारोबारियों ने हाईवे और मुख्य मार्गों से ढाई सौ किलोमीटर की दूरी पर दुकान शिफ्ट करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार शाम पाल चौराहे पर स्थित देशी शराब की दुकान के ठेकेदार राम गोपाल जायसवाल और अंग्रेजी शराब की दुकान के ठेकेदार उमेश चंद्र बीयर की दुकान के ठेकेदार राजेश गुप्ता अपनी दुकानें चौराहे से सटे गांव चौकी मुस्तफाबाद में निर्माणाधीन मकान में शिफ्ट करवा रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही महिलाओं ने दुकानों पर धावा बोल दिया। ठेकेदारो व सेल्समेनों से पीट दिया।
जानकारी मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने समझाने की कोशिश की तो महिलाओं ने टीम पर पथराव कर दिया। इससे शराब कारोबारी राजेश गुप्ता घायल हो गए। दुकानों के पास खड़ी तीन बाइकें भी क्षतिग्रस्त हो गई। मामला बढ़ता देख आसपास के थानों की फोर्स बुला ली गई। पुलिस अधिकारियों ने गांव से शराब की दुकानों को हटवाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में दुकान होने से महिलाओं की दिक्कतें बढ़ेंगी। उन्हें आए दिन पियक्कड़ों के गाली गलौच का सामना करना पड़ेगा।