तालग्राम के बेहटा गांव में गुरुवार दोपहर लगी भीषण आग में 19 घर जल गए। 36 मवेशी भी जल मरे। आग बुझाने के प्रयास में दो ग्रामीण झुलस गए। फायरब्रिगेड व हाईवे के टैंकरों की मदद से चार घंटे बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अग्निकांड में लाखों की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। बेहटा गांव के शिवकुमार त्रिपाठी के यहां दुर्गा मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम चल रहा था। इसमें पूरे गांव के लोग शामिल थे।
इसी दौरान बाथम मोहल्ले में सुरेंद्र पुत्र सरमन के मकान के पीछे अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण फैली आग ने देखते-देखते आसपास के घरों को भी चपेट में ले लिया। लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। सूचना पर आए थानाध्यक्ष मो. अनवर अहमद भी फायरब्रिगेड व गांववालों के साथ आग बुझाने में जुटे रहे। हाईवे के पांच टैंकरों से भी पानी लिया गया। चार घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझ सकी।
अग्निकांड में श्रीपाल, मनोज, प्रमोद, सरमन, सुरेंद्र, रामविलास, श्रीकृष्ण, दिलीप सिंह, प्रेम नरायन, शिवकुमारी, बलवीर, कैलाश, शिवशंकर, ओमपाल, कृपा, रघुवीर, रमाकांत, ओमप्रकाश, बाबूराम के घरों में नगदी-जेवर, अनाज, बाइकें, साइकिलें आदि सामान जल गया। ग्रामीणों ने बताया कि 36 मवेशी भी जल मरे। आग बुझाने की कोशिश के दौरान ग्रामीण श्रीपाल (55) और श्रीकृष्ण (58) झुलस गए। निजी चिकित्सक के यहां इनका इलाज हुआ।
प्रधान महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि अग्निकांड में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। एसडीएम महेश प्रसाद का कहना है कि क्षति के आंकलन के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कानूनगो गया प्रसाद, क्षेत्रीय लेखपाल भारत सिंह को लगाया गया है। इसी के बाद मुआवजे की कार्यवाही की जाएगी। पीड़ितों को मदद के इंतजाम किए जा रहे हैं।