प्रधानी के चुनाव में विरोधी को मतदान करने पर युवक को गोली मारने में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कारावास झेलना होगा। शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि बीते 11 अक्तूबर 2010 को गढ़िया पचपुरा गंाव के दीप उर्फ दीपू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में मृतक के भाई कुलदीप ने पुलिस को बताया था कि प्रधानी के चुनाव में वह अपने भाई दीप उर्फ दीपू के साथ मतदान कर लौट रहा था। तभी रास्ते में गांव के बादशाह पुत्र बालकराम, जयपाल पुत्र मुरली ने रोक लिया। उसकी पार्टी को वोट न देने की बात कहते हुए 315 बोर के तमंचे से फायर कर दिया। इसमें उसके भाई दीपू की मौत हो गई थी। उसी दौरान दीपू को उठाने दौड़ी ग्रामीण प्रेमादेवी पर भी तमंचे से जानलेवा फायर कर दिया था।
इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। यह मामला स्पेशल जज एससी एसटी की कोर्ट में चला था। इसमें कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर बादशाह व जयपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 5-5 हजार रुपये अर्थदंड दिया है। हत्या के प्रयास के मामले में 10 वर्ष की सजा व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा हुई है। जयपाल के पास से तमंचा बरामद होने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास व 500 रुपये जुर्माना सुनाया गया है। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।