फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाले में गड़ा मिला लापता युवक का शव

Wed, 15 Mar 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
विज्ञापन
जाम लगाए लाोग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
दस दिन से लापता युवक का शव बुधवार को नाले में गड़ा मिला। शव को कुत्ते नोच कर खा रहे थे। परिजनों ने पड़ोसियों पर हत्या कर शव गाड़ने का आरोप लगाया है। पिता ने तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने उल्टा इन्हीं के परिजनों पर कार्रवाई कर दी। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्याकांड में थाना पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस अफसरों के आश्वासन के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
विज्ञापन


बुधवार को ठठिया थाना क्षेत्र के गांव धीरपुर के पास नाले के समीप कुछ ग्रामीणों ने जमीन में गड़े एक शव को नोचते देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। क्षेत्र के गांव घनेपुरवा निवासी रामप्रकाश ने शव की शिनाख्त अपने पुत्र रिंकू (21) के रूप में की। रिंकू, राम प्रकाश का पुत्र था। राम प्रकाश ने बताया कि रिंकू चार मार्च से गायब था। आरोप लगाया कि रंजिश के चलते पड़ोस के परमसुख के पुत्र शिवा उर्फ डंपी, अनिल कुमार दोहरे, सुनील व रावेंद्र उर्फ पीपी ने पुत्र का अपहरण कर हत्या कर दी। पुत्र के अगवा होने व हत्या की शंका के चलते उसने कई बार थाना प्रभारी को तहरीर दी, लेकिन आरोपियों से मिलीभगत और उनको बचाने के लिए उसके ही परिवार के लोगों को पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई में जेल भेज दिया था।

इसी बात पर परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक वंशलाल और क्षेत्राधिकारी अंबरीश भदौरिया ने मामले की जांच व आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे चार घंटे तक थाने में चले बवाल के बाद परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। रिंकू के पिता ने शिवा उर्फ डंपी, अनिल कुमार दोहरे, सुनील व रावेंद्र उर्फ पीपी समेत तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने छापेमारी कर शिवा उर्फ बंटी, दीपक कुमार, रावेंद्र और एक अन्य जयनारायण को गिरफ्तार पूछताछ शुरू कर दी।
विज्ञापन


खाकी की लापरवाही से बुझ गया घर का चिराग
कन्नौज। खाकी की लापरवाही के चलते बूढ़ी आंखों का सहारा छिन गया। पुलिस अगर चाहती तो अपनी सजगता और मुस्तैदी से घर के इकलौते चिराग को बचा सकती थी। अपहरण के 10 दिन बाद युवक का शव मिलने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन और हंगामा कर आरोपियों के साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ठठिया थाना क्षेत्र के गांव घनेपुरवा निवासी रामप्रकाश दोहरे और पड़ोसी परमसुख दोहरे के बीच कई सालों से रंजिश चली आ रही है। बीते साल गांव की पंचायत में संभ्रांत लोगों ने वर्षों की रंजिश को खत्म करने का प्रयास भी किया था, लेकिन परमसुख द्वारा रामप्रकाश के इकलौते बेटे की हत्या की धमकी के बाद पंचायत बेमतलब साबित हो गई थी।
एक साल बाद चार मार्च को पुत्र के लापता होने के बाद ही राम प्रकाश अपने रिश्तेदार सुशील और रोहित के साथ थाने पहुंचा। उसने पुलिस को रंजिश का हवाला देते हुए पुत्र के अपहरण और हत्या की तहरीर परमसुख के पुत्र शिवा उर्फ डंपी, अनिल कुमार दोहरे, सुनील व रावेंद्र उर्फ पीपी के खिलाफ दी थी।

पुलिस ने टालमटोल कर रामप्रकाश को थाने से भगा दिया और उसके रिश्तेदार सुशील व रोहित को शांतिभंग में जेल भेज दिया। पुत्र की काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा तो राम प्रकाश एक बार फिर थाने पहुंचा।

थाना प्रभारी आलोक यादव के निर्देश पर उसकी गुमशुदगी तो दर्ज कर ली गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ व उसे तलाश करने की जहमत नहीं ली। बुधवार को नाले के पास रिंकू का शव गड़ा मिलने के बाद जिम्मेदार पुलिस अफसर और कर्मचारी चुप्पी साध गए।

हाथ और गले में बंधी मिली रस्सी
हत्यारों ने रिंकू के अपहरण के बाद उसे बंधक बनाए रखा। 10 दिनों तक मिट्टी के अंदर शव दफन होने से क्षत-विक्षत हो गया। पुलिस द्वारा खुदाई के बाद शव निकाले जाने के बाद बदबू के कारण लोगों का ठहरना मुश्किल हो रहा था। रिंकू के दोनों हाथ पीछे की ओर से बंधे हुए थे। जबकि एक मोटी रस्सी से उसका गला कसा हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें