पुलिस हिरासत में खड़े लूट के आरोपी युवक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
छह दिन पहले कस्बा सिकंदरपुर में पुलिस चौकी के पास दिनदहाड़े हुई लूट की तह तक पुलिस पहुंच गई है। पड़ोसी जनपद मैनपुरी के किशनी थाना पुलिस ने दो लुटेरों को बाइक समेत दबोचा है। दोनों लुटेरों ने लूट की घटना कबूल की है और पीड़िता ने भी दोनों की शिनाख्त की है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रही है।
सोमवार को मैनपुरी के किशनी थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने कस्बा विशुनगढ़ के मोहित व कल्लू नाम के युवकों को बाइक समेत दबोच लिया। दोनों किशनी थाना क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों ने छिबरामऊ क्षेत्र में लूट की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है। 28 मार्च को कस्बा सिकंदरपुर में पुलिस चौकी के पास ग्राम मदारपुर निवासी सुमन व चांदनी के साथ हुई दस हजार रुपये की लूट की घटना को भी स्वीकार किया है।
किशनी एसओ ने इसकी सूचना कोतवाल राजबहादुर सिंह को दी, जिस पर प्रभारी निरीक्षक ने सिकंदरपुर चौकी के दारोगा संजय सिंह को लूट की शिकार युवती सुमन के साथ किशनी भेजा। सुमन ने भी लुटेरों की शिनाख्त की है। हालांकि कोतवाली पुलिस इस बारे में कुछ भी कहने से कतरा रही है। विदित हो कि लूट की घटना के बाद एसपी दिनेश कुमार पी. ने सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था। सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी ने बताया कि किशनी थानाध्यक्ष ने फोन पर उन्हें लुटेरों को पकड़ने की जानकारी दी थी। इस पर उन्होंने दारोगा संजय सिंह को पीड़िता के साथ वहां भेजा था। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस लूट की सभी वारदातों के खुलासे के प्रयास में जुटी है। विशुनगढ़ थानाध्यक्ष सुरेश कुमार को भी पकड़े गए लुटेरों की आपराधिक व घरेलू पृष्ठभूमि की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।