खेत में पानी लगाने के विवाद में खानपुर गांव में हुई हत्या में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दूसरे पक्ष के आठ लोगों को 10-10 वर्ष के कारावार की सजा सुनाई है। कोर्ट नें पीड़ित पक्ष को 38 हजार रुपये दिए जाने का आदेश जारी किया है। इसी मामले में दोनो पक्षों से साक्ष्य के अभाव में एक-एक लोग बरी कर दिए गए हैं। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत भी हो चुकी है।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव खानपुर चौबे में28 नवंबर 1999 को खेत में पानी लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इसमें एक पक्ष से ओमचंद्र ने गांव के सुरेश तिवारी, सर्वेश तिवारी, विमलेश तिवारी, सूरज प्रसाद तिवारी, धनीराम तिवारी, रामाधीन तिवारी पर खेत से पानी काटने का आरोप लगाया था। जब उन्होंने विरोध किया तो हमलावरों ने असलहों से फायर कर दिए। इसमें सुनील की मौत हो गई थी।
वहीं दूसरे पक्ष से सूरज कुमार तिवारी ने पुलिस को बताय था कि उसके खेत में सरकारी नलकूप लगा है। नलकूप की चाभी उसके पुत्र सर्वेश कुमार के पास रहती थी। घटना की रात कल्लू, बादाम सिंह के खेत में विरोधियों ने जबरन पानी लगा लिया। जब उसके पुत्र ने विरोध किया तो अनिल, रामनरेश, लखमीचंद्र, प्रमोद, रामजी, विनोद, फुड्डन, राकेश, श्याम सिंह आदि ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। इसी मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि इस मामले में अपर सत्र न्यायालय कोर्ट प्रथम ने धनीराम, रामधीन, सर्वेश तिवारी, सुरेश तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरा आरोपी सूरज की मौत हो चुकी है। विमलेश कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। दूसरे पक्ष को भी कोर्ट ने दोषी मानते हुए रामनरेश, अनिल कुमार, गिरेंद्र, श्रीपाल, ओमचंद्र, राकेश फुद्दन व प्रमोद आदि आठ लोगो को 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।