गंगा की कटरी में भूमि कब्जे को लेकर दो पक्षों में जमकर फायरिंग व मारपीट हुई। इसमें एक पक्ष के नौ लोग घायल हो गए। एक पक्ष ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस से शिकायत की है। बरसात का मौसम समाप्त होते ही गंगा की कटरी की भूमि कब्जा करने को लेकर विवाद शुरू हो जाता है। यहां पर दबंग हजारों बीघे जमीन को असलहों के दम पर कब्जे में लेकर फसल का उत्पादन कराते हैं। प्रतिवर्ष लाखों की आमदनी यहीं फसल उन्हें देती है।
सोमवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के कासिमपुर व बक्शीपुरवा के ग्रामीणों ने कटरी की भूमि पर कब्जा करने के लिए चौराचांदपुर गांव के सामने धावा बोल दिया। एक परिवार को जमकर पीटा। विरोध करने पर फायरिंग कर दी। आरोप है कि ग्राम प्रधान के इशारे पर हमला किया गया है।चौराचांदपुर निवासी रामभजन की पत्नी रामदेवी के बच्चे कटरी की 58 बीघा भूमि पर कब्जा कर रविवार की दोपहर प्याज की रोपाई कर रहे थे।
तभी बक्शीपुरवा गांव निवासी ग्राम प्रधान रामविलास के इशारे पर नेकराम, मंशाराम, चिनिया, गंगाधर, शिवपाल सहित करीब चार दर्जन ग्रामीणों ने असलहों के साथ कटरी में धावा बोल दिया। राम देवी के पुत्रों को भगाने का प्रयास किया। विरोध करने पर संतोष, नंदराम, मूलकिशन, प्रदीप, रामासरे, विपिन पुत्रगण रामभजन, सुमन पुत्री रामभजन के अलावा साधना और नीलम की पिटाई कर दी। यहीं नहीं उक्त लोगों ने बंदूक व तमंचों से फायरिंग की।
इससे कटरी में दहशत फैल गई। सभी पीड़ित अपनी वृद्ध मां को लेकर कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस से शिकायत की है। कोतवाली प्रभारी सुभाष कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। उनका कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।