जांच में पता चला है कि दवाई को खासतौर पर नशे के लिए ही बनाया गया था।
बोरे में भरकर दवाएं ब्लैक करने जा रहे पीएचसी के लैब टेक्नीशियन को गुरुवार शाम ग्रामीणों पकड़कर पीट दिया। सूचना पर सीएमओ और अन्य अधिकारी पहुंचे और जांच की। मामला सही पाए जाने पर सीएमओ ने लैब टेक्नीशियन को निलंबित कर दिया है। पीएचसी के फार्मासिस्ट की तहरीर पर कोतवाली में लैब टेक्नीशियन के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। विदित हो कि गुगरापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत कीरतपुर में ग्रामीणों की सुख सुविधाओं के लिए शासन से पीएचसी का निर्माण कराया गया।
इस केंद्र पर लैब टेक्नीशियन के तौर पर वीरेंद्र सिंह कटियार की तैनाती है। फार्मासिस्ट नितिन प्रकाश व चिकित्सक श्रीनाथ नियुक्त है। इनमें चिकित्सक की मौजूदा समय में जिला जेल में ड्यूटी चल रही है। बताया गया कि फार्मासिस्ट कभी-कभार आते हैं और उनकी लैब टेक्नीशियन से मिलीभगत है। इलाज के लिए पहुंचने वाले ग्रामीणों को बाहर की दवाएं लिख दी जाती हैं और शासन से आनी वाली दवाइयों की मार्केट में ब्लैक कर लिया जाता है।
इस मामले को ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियो तक भी पहुंचाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गुरुवार को दवाइयों को ब्लैक में बिक्री करने के लिए जा रहे लैब टेक्नीशियन को पकड़कर ग्रामीणों ने जमकर धुना। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.पीएन बाजपेयी, प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.ओमप्रकाश, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह पहुंचे। जांच-पड़ताल में मामला सही निकला। सीएमओ ने तत्काल लैब टेक्नीशियन को निलंबित करने का आदेश दिया है। देर रात फार्मासिस्ट नितिन श्रीवास्तव की तहरीर पर लैब टेक्नीशियन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।