मध्य प्रदेश में पकड़े गए तीन संदिग्ध आतंकियों से एक सैयद मीर हुसैन उर्फ हम्जा कस्बे का निवासी है। वहीं कानपुर के जाजमऊ में पकड़े गए आसिफ आतिश रिश्तेदार है। खुफिया विभाग के अफसरों ने उसके घर की तलाशी लेने के साथ उसके पिता व परिवार के लोगों से घंटों पूछताछ की है।
आईएसआई के तार कस्बे से जुड़े होने की खबर से सनसनी फैल गई है। गुरुवार दोपहर को आईबी के इंसपेक्टर प्रशांत कुमार, स्पेशल ब्रांच के सुरेश चंद्र श्रीवास्तव व एलआईयू के फतेह बहादुर सिंह और कोतवाल अमर पाल सिंह व एसएसआई नवीन कुमार के साथ सैयद मीर हुसैन के इंद्रानगर स्थित घर पहुंचे। घर के नीचे के हिस्से में स्कूल चला रहे पिता से बंद कमरे में करीब दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। इस बारे में आईबी के अधिकारियों ने कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। वहीं कानपुर के जाजमऊ में पकड़े गए आसिफ आतिश पुत्र मजरूल अहसन हसन का भांजा है। जिसके संपर्क में रहकर ही सैयद मीर हुसैन आतंकी घटनाओं को अंजाम देने लगा था।
एक साल से बेटे से बात नहीं हुई : अहसन हसन
मूलरूप से जनपद रामपुर निवासी अहसन हसन पुत्र सैयद अहमद अली करीब 30 साल से कस्बा के मोहल्ला इंद्रानगर में रह रहे है। इन्होंने तीन शादियां की है। पहली पत्नी नुसरत के तीन बच्चे है। जिसमें सबसे बड़ी पुत्री के बाद एटीएस द्वारा पकड़ा गया सैयद मीर हुसैन उर्फ हम्जा है। अहसन हसन के मुताबिक नुसरत से तलाक होने के बाद तीनों बच्चों की उसने परवरिश की और सैयद मीर हुसैन लखनऊ और मुरादाबाद में शिक्षा ग्रहण कर रहा था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 की जुलाई में लखनऊ पढ़ाई करने की बात कह कर सैयद मीर हुसैन चला गया था। एक माह बाद वह आया था और दो दिन बाद वह फिर चला गया था। इसके बाद उससे कभी भी फोन पर भी बात नहीं हुई। उनका फोन स्विच ऑफ बताता था। इस बीच आतंकी संगठनों से उसके संबंध होने की जानकारी मिली।