हादसे के बाद भीड़ को तितर बितर करती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
जीटी रोड पर मोचीपुर रेलवे क्रासिंग के पास चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने बालू लदे 15 ट्रकों को पकड़ लिया। पुलिस से बचने को एक चालक रेलवे क्रासिंग की ओर भागा। इस दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया। लहूलुहान हालात में उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंचे भाजपाइयों व प्रशासनिक टीम में घटना को लेकर नोकझोंक हो गई। भाजपाइयों ने ट्रक चालक की मौत का जिम्मेदार अफसरों को ठहराया है। मृतक उन्नाव का रहने वाला था।
अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन का छापेमारी अभियान जारी है। रविवार सुबह अवैध बालू खनन की सूचना पर एडीएम डीपी सिंह, एसडीएम सदर शालिनी प्रभाकर, जिला खनन अधिकारी मोहम्मद एजाज, क्षेत्राधिकारी सदर लक्ष्मीकांत व सदर कोतवाल एके सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ मोचीपुर रेलवे क्रासिंग के पास ट्रकों की तलाशी शुरू की। इस दौरान दस्तावेज न दिखाने पर टीम ने बालू से लदे 15 ट्रकों को कब्जे में ले लिया। सूचना पर स्थानीय भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड कार्यसमिति के सदस्य वीर सिंह भदौरिया पार्टी कार्यकर्ता अनुराग तिवारी, सौरभ कटियार, तरुण चंद्रा, अनुराग तिवारी के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रकों को कब्जे में लेने का विरोध करने लगे। भाजपाइयों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
एडीएम ने पुलिस को पकड़े गए ट्रकों और चालकों को कोतवाली ले चलने के आदेश दिए। इसी दौरान एक ट्रक का चालक उन्नाव के सफीपुर निवासी ताहिर (25) पुत्र मुन्ना रेलवे क्रासिंग पर पहुंच गया और वहां से गुजर रही कासगंज-कानपुर पैसेंजर की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद भाजपाई ट्रक चालक की मौत का जिम्मेदार अधिकारियों को ठहराते हुए हंगामा करने लगे। करीब एक घंटे तक भाजपा नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों में कहासुनी हुई। उधर, एडीएम ने बताया कि ट्रकों को अवैध बालू खनन करने में कब्जे में लिया गया है। खनन अधिकारी मोहम्मद एजाज मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक क्रासिंग के पास फोन से बात कर रहा था।
इससे ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। भाजपा कार्यकर्ता वीर सिंह भदौरिया ने बताया कि चेकिंग के दौरान अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत न देने पर ट्रक चालकों को खदेड़ लिया। इससे एक ट्रक चालक की ट्रेन से टकरा कर मौत हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।