जयपुर-लखनऊ एक्सप्रेस ट्रेन में जहरखुरानी गिरोह ने आधा दर्जन यात्रियों को नशीली चाय पिलाकर हजारों रुपये की नकदी व सामान लूट लिया। सभी बेहोश यात्रियों को कन्नौज रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के बाद होश में आने पर उन्होंने आपबीती बताई।
जयपुर से ट्रेन में सवार हुए यात्री शमीम (18) पुत्र हकीकुल निवासी ओसिया जनपद हरदोई, रोहित (23) पुत्र रामचंद्र निवासी खलीलाबाद संतकबीरनगर, विकास (22) पुत्र मान सिंह यादव निवासी दुरजापुर कानपुर देहात, मनोज (18) पुत्र रामजीवन निवासी भदग्गीखेड़ा उन्नाव, राजेश (19) पुत्र जंगीलाल निवासी मलिहागाढ़ा उन्नाव, नीरज (24) पुत्र मैकूलाल निवासी मलिहागाड़ा उन्नाव एक ही डिब्बे में सफर कर रहे थे।
उनके मुताबिक राजस्थान में एक स्टेशन पर एक 35 वर्षीय युवक उनके बीच में आकर बैठ गया। उसने अपनी बातों से सभी को आकर्षित कर लिया। कुछ देर बाद अगला स्टेशन आने पर वह उतरा और एक पालीथिन में करीब एक दर्जन चाय लेकर डिब्बे में आया। सभी को चाय बांटनी शुरू कर दी। चाय पीकर बेहोश करने के बाद उक्त युवक उन लोगों के पास मौजूद करीब 70 हजार रुपये की नकदी, सामान से भरे थैले लेकर फरार हो गया।
सुबह 10:40 बजे ट्रेन कन्नौज रेलवे स्टेशन पर आकर रुकी। तभी कुछ यात्रियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। जीआरपी ने मौके पर छानबीन की तो पता चला कि युवक बेहोश पड़े हैं। इस पर सभी को नीचे उतारकर जिला अस्पताल भिजवाया गया। इस दौरान बदमाशों ने उनके पास मौजूद महंगे मोबाइल भी लूट लिए। रेलवे चौकी पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर होश में आए युवकों से पूछताछ की। उनके गायब हुए मोबाइल के सिम के नंबर नोट किए।
ट्रेन में नशीली चाय पीने के बाद बेहोश पड़े यात्रियों के मामले में सुरक्षा के लिहाज से रेलवे के उपायों की पोल खोलकर सामने रख दी है। युवकों के मुताबिक वे लोग राजस्थान के पास चाय पीने के बाद सुधबुध खो बैठे। इसके बाद रास्ते में कई स्टेशनों पर ट्रेन रुकी। इसके बावजूद ट्रेन के अंदर चलने वाले सुरक्षा कर्मियों को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। इससे साफ है कि ट्रेन के अंदर चल रहे रेलवे के सुरक्षा जवानों ने अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरती।