छिबरामऊ। नगर के मोहल्ला ग्रेसीगंज में मकान के बाहर खेल रहे दो वर्ष के मासूम बच्चे का एक युवक ने अपहरण कर लिया। इसके बाद अपहरणकर्ता ने बच्चे की मां के पास फोन कर 80 हजार रुपए की फिरौती मांगी। पुलिस ने सर्विलांस पर उसकी लोकेशन ट्रेस कर इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से बच्चे समेत अपहरणकर्ता को दबोच लिया।
नगर के मोहल्ला ग्रेसीगंज निवासी सोनी देवी पत्नी दीपक जाटव ने रविवार को कोतवाली पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार व्यास को बताया था कि उसका दो साल का मासूम बेटा अनमोल मकान के बाहर खेल रहा था। थोड़ी देर बाद जब वह बाहर निकली तो बच्चा गायब था। इसके बाद उसके मोबाइल पर एक युवक ने कॉल की और बताया कि उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है और 80 हजार रुपए फिरौती देने के बाद ही उसे छोड़ा जाएगा।
दिनदहाड़े अपहरण की घटना से पुलिस के होश फाख्ता हो गए और आनन-फानन में पुलिस ने अपहरणकर्ता के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर ट्रेस किया, तो उसकी लोकेशन कानपुर में मिली। सीओ श्रीकांत प्रजापति ने तत्काल कोतवाली के उपनिरीक्षक वेदप्रकाश चतुर्वेदी व जगदीशराम को अपहरणकर्ता के पीछे लगा दिया। हाइटेक तकनीक से पुलिस लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस करती रही और सोमवार दोपहर इलाहाबाद स्टेशन से पुलिस ने मासूम अनमोल को सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक अपहरणकर्ता जनपद फतेहपुर के खागा कोतवाली अंतर्गत ग्राम मऊ निवासी दिलीप श्रीवास्तव पुत्र रामभोले नाम का युवक है। वह विशुनगढ़ रोड पर एक हलवाई की दुकान पर कारीगर था। उसी ने फिरौती के लिए मासूम का अपहरण किया था। समाचार लिखे जाने तक पुलिस अपहरणकर्ता और मासूम बच्चे को कोतवाली ला रही थी। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार व्यास ने बताया कि पुलिस की सतर्कता से मासूम बच्चे की जान बच गई। उसकी मां की तहरीर पर तत्काल मामले की रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की गई।
कलेजे के टुकड़े को देख बिलख पड़ी मां
छिबरामऊ। पुलिस अपहृत अनमोल की मां सोनी को भी साथ ले गई थी। पुलिस के मुताबिक जैसे ही उन्होंने अपहरणकर्ता दिलीप श्रीवास्तव को दबोचा तो उसकी गोद में बेटे को देखकर मां बिलख पड़ी और अपहरणकर्ता से बच्चे को छीनकर उसे कलेजे से लगा लिया। पुलिस के मुताबिक दिलीप श्रीवास्तव का सोनी के यहां आना-जाना था। दरअसल सोनी भी जनपद फतेहपुर की रहने वाली है।
इस वजह से उसका आना-जाना शुरू हो गया था। बेरोजगार दिलीप ने चंद पैसों के लिए मासूम के अपहरण की योजना बना डाली और रविवार को चुपचाप बच्चे को लेकर भाग गया। उसने फोन पर 80 हजार फिरौती की मांग की, यहीं पर उससे चूक हो गई और पुलिस ने सर्विलांस के सहारे उसे दबोच लिया। सीओ श्रीकांत प्रजापति ने बताया कि बच्चे को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने के लिए उच्चाधिकारियों से संस्तुति की जाएगी।