दहेज में चार पहिया वाहन न मिलने पर पत्नी की हत्या कर देने के मामले में एडीजे तृतीय अदालत ने पति को दस साल जेल और दस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद इदरीश खान ने बताया कि कानपुर देहात के शिवली कोतवाली अंतर्गत गांव दुंधपुर निवासी उदय नारायण ने अपनी पुत्री मनोरमा की शादी 2004 में गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के भुरजानी गांव निवासी राजवीर पुत्र अतर सिंह के साथ की थी।
पिता उदय नारायण का आरोप है कि शादी के बाद से ससुरालीजन दहेज में चार पहिया वाहन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 22 मई 2010 की रात उसकी पुत्री मनोरमा की गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पिता ने पति राजवीर समेत सास राजेश्वरी व सर्वेश के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान सास की मौत हो गई थी। वहीं सर्वेश के खिलाफ कोई साक्ष्य न होने पर उसे चार्जशीट में ही बरी कर दिया गया था। एडीजे तृतीय संजीव तिवारी की कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजवीर को दोषी पाया गया। कोर्ट ने राजवीर को 10 साल की सजा व 10 हजार रुपया जुर्माना सुनाया है।