बिजली के टूटने से जले खेत का एक नजारा।
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कलकत्तापुरवा गांव में हाईटेंशन लाइन का जर्जर तार टूटकर खेत में गिर पड़ा। इससे एक किसान के खेत में खड़ी पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर दी है। देर शाम तक लाइनमैन को तार नहीं जोड़ने दिया, जिससे करीब 40 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। कलकत्तापुरवा निवासी बहादुर ने अपना खेत गांव के राजेश कुमार को बटाई के लिए दिया है।
उसने खेत में गेहूं की फसल बोई थी। रविवार सुबह खेत के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन का जर्जर तार टूट गया। इससे पांच बीघा गेहूं की फसल जल गई। किसान के अनुसार उसे करीब 50 हजार का नुकसान हुआ है। बताया कि इससे पहले 1 अप्रैल को भी बिजली का तार टूट गया था, तब तीन बीघा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई थी। विनोद, जागेश्वर, अखिलेश, कैलाश, रतीराम, घासीराम, श्रीनाथ, रमाकांत आदि किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बिजली विभाग से पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाने की मांग की। लाइनमैन पूरनलाल तार जोड़ने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें भी घेर लिया। इसके बाद लाइनमैन बिना मरम्मत किए लौट गया। इस घटना के बाद ताहपुर क्षेत्र के करीब 40 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद है। देर शाम तक किसान मौके पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि मुआवजा मिलने के बाद ही तार जोड़ने देंगे।
लाइनमैन पूरनलाल का कहना है कि लाइन के तार जर्जर हैं। उनका कहना है कि क्लेम के लिए किसान लिखापढ़ी करें, लेकिन तार जोड़ने दें क्योंकि हजारों उपभोक्ताओं के घरों की बिजली गुल है। उधर जेई उपेंद्र राज का कहना है कि मुआवजा देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। किसानों को जल्द समझाकर तार जोड़ने देने के लिए मनाया जाएगा, ताकि 40 गांवों की ठप बिजली आपूर्ति बहाल हो सके।