इंदरगढ़ थाना प्रभारी त्रिभुवन कुमार के साथ थाने में पूर्व ब्लाक प्रमुख।
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इंदरगढ़ (कन्नौज )। सरकारी खाते से लाखों रुपये निकालकर हड़पने के मामले में पुलिस ने हसेरन के पूर्व ब्लाक प्रमुख को गिरफ्तार किया है। 2014 में हुए इस घोटाले में ब्लाक प्रमुख, तत्कालीन बीडीओ समेत चार लोगों के खिलाफ जुलाई 2014 में इंदरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। कानपुर के सीओ कैंट की विवेचना के बाद पुलिस ने पूर्व ब्लाक प्रमुख को गिरफ्तार किया है। इस मामले में दो आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। जबकि आरोपी बनाए गए तत्कालीन बीडीओ की मौत हो चुकी है।
इंदरगढ़ के गांव लाख रामपुर निवासी उदय राजपूत वर्ष 2014 में बसपा से हसेरन ब्लाक के ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए थे। 26 जून 2014 को उनके खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था। इससे उनके अधिकार सीज हो गए थे। आरोप है कि अधिकार सीज होने से पहले 30 जून और एक जुलाई को ब्लाक प्रमुख उदय राजपूत और खंड विकास अधिकारी रामस्वरूप ने चेक के माध्यम से रवि और मुनेश राठौर के खातों में कुल 19 लाख 94 हजार पांच सौ रुपये ट्रांसफर करा दिए थे।
बीडीओ रामस्वरूप के स्थानांतरण के बाद बीडीओ रामकुरेज यादव के सामने घोटाले की बात सामने आई। इसके बाद उन्होंने उदय राजपूत समेत तत्कालीन वीडियो रामस्वरूप, मुनेश राठौर और रवि के खिलाफ इंदरगढ़ थाने में जुलाई 2014 को सरकारी धन की हेराफेरी करने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान बीडीओ रामस्वरूप की मौत हो गई थी। जबकि पुलिस ने इस मामले में मुनेश और रवि को जेल भेज दिया था।
पूर्व ब्लाक प्रमुख उदय राजपूत की अपील पर हाईकोर्ट के निर्देश पर कानपुर पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई थी। इससे विवेचना कैंट सीओ अजीत सिंह चौहान कर रहे थे। विवेचना में पूर्व ब्लाक प्रमुख उदय राजपूत आरोपी साबित हुए। इससे सीओ के निर्देश पर गुरुवार को क्षेत्र के जमुनियापुर गांव से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी की खबर लगते ही उनके कई समर्थक थाना परिसर पहुंच गए। पूर्व ब्लाक प्रमुख ने बताया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।