चार वर्ष पुराने रेप के मामले फास्ट ट्रैक प्रथम न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। वहीं इस मामले में एक अन्य आरोपी का केस किशोर कोर्ट में विचाराधीन है। शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि वादी ने सदर कोतवाली में लिखाई रिपोर्ट में बताया कि 28 अगस्त 2012 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री खेतों में शौच को गई थी।
तभी गांव के पप्पू और एक किशोर उसे खेत से ही बहला-फुसला कर दिल्ली ले गए। जहां उन्होंने उसे करीब 10 दिनो तक उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने मिली सूचना पर दिल्ली से लौट रहे दोनों आरोपियों को मानीमऊ के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लड़की को भी बरामद कर लिया। लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में भी दोनों पर जबरन ले जाने व कई दिनाें तक बलात्कार करने का आरोप लगाया।
मामले की विवेचना सदर कोतवाली के तत्कालीन उपनिरीक्षक को दी गई। विवेचक ने विवेचना पूर्ण होने पर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। दाखिल विवेचना के आधार पर व पीड़िता के बयान के आधार पर कोर्ट ने पप्पू को दोषी माना और उसे 10 साल की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। जुर्माने की राशि से 18 हजार रुपये पीड़िता पक्ष को देने का आदेश दिया है। जुर्माना न भर पाने की दशा में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। बता दें कि एक आरोपी घटना के समय नाबालिग था। उसका मामला अभी किशोर कोर्ट में विचाराधीन है।